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छत्रपति संभाजीनगर: सोनोग्राफी मशीनों का एक ही जगह पर (स्थिर रूप से) इस्तेमाल करने की अनुमति है। हालाँकि, राज्य में पोर्टेबल सोनोग्राफी मशीनों का इस्तेमाल करके लिंग-निर्धारण और गर्भपात के अवैध मामले बड़े पैमाने पर हो रहे हैं। भले ही सरकार ने ऐसी मशीनों के इस्तेमाल पर साफ़ तौर पर रोक लगा दी है, फिर भी इन्हें ऑनलाइन खरीदने और चोरी-छिपे इस्तेमाल करने की घटनाएँ बढ़ रही हैं। इसलिए, आम जनता यह सवाल उठा रही है कि प्रशासन इस मामले में क्या कर रहा है। 

छत्रपति संभाजीनगर में, दो दिन पहले एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ हुआ था, जो पोर्टेबल सोनोग्राफी मशीनों का इस्तेमाल करके लिंग-निर्धारण का काम करता था। पिछले कुछ सालों में, महाराष्ट्र के अलग-अलग ज़िलों में ऐसे कई गिरोह पकड़े गए हैं, जो पोर्टेबल सोनोग्राफी मशीनों की मदद से लिंग-निर्धारण और अवैध गर्भपात करते थे। जाँच में पता चला है कि ग्रामीण इलाकों में ऐसी मशीनों का इस्तेमाल घरों, गौशालाओं या गाड़ियों में भी किया जा रहा है। कुछ मामलों में, वायरलेस और ब्लूटूथ तकनीक पर चलने वाली सोनोग्राफी मशीनों के इस्तेमाल ने प्रशासन की चिंता और भी बढ़ा दी है।

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