माता-पिता के घोर पॉलिटिकल होने के बाद भी चुप रहती हैं आलिया, क्या स्टारडम खोने का है डर?
महेश भट्ट और सोनी राजदान अपनी बेबाकी के लिए जाने जाते हैं. महेश अपनी पर्सनल लाइफ से लेकर पब्लिक लाइफ में हर मुद्दे पर बड़ी ही साफगोई से अपनी राय रखते रहे हैं. ऐसा ही कुछ सोनी राजदान के बारे में कहा जा सकता है. हाल ही में अनुपम खेर ने जब पीएम मोदी के खिलाफ वोट देने की अपील करने वाले आर्टिस्ट्स के खिलाफ एक ट्वीट किया था तो उस दौरान सोनी ने अनुपम से जवाब तलब भी किया था. लेकिन महेश और सोनी की बेटी आलिया किसी भी मुद्दे पर अपनी राय देने से बचती रही हैं. इंडस्ट्री में 7 साल पूरे कर चुकी आलिया भले ही इंडस्ट्री में सफलता की सीढ़ियां चढ़ चुकी हों लेकिन सोशल मुद्दों पर फिल्में बनाने वाली एक आर्टिस्ट के तौर पर वे बेबाकी और बेधड़क ओपिनियन से बचती रही हैं.
आलिया के मुताबिक एक एक्टर के तौर पर आपको हमेशा ही अपने बारे में जागरुक रहना पड़ता है. लोग आपको किस नज़रिए से देख रहे हैं और आपकी इमेज लोगों के सामने कैसी है, इसका ख्याल रखना पड़ता है. मेरे कई चेहरे हैं. खुशी का, दुख का, उत्साह का, परेशानी का. हर समय के लिए एक चेहरा तैयार रखना पड़ता है. इसके अलावा एक और चीज है कि मुझ पर हमेशा लोगों को खुश रखने का दबाव रहता है और मैं चाहती हूं कि लोग मुझे एक बेहतरीन इंसान समझे. यही कारण है कि मैं सेट पर भी समय पर पहुंचती हूं क्योंकि मैं किसी को भी परेशान नहीं करना चाहती हूं.
आलिया के अनुसार, एक सुपरस्टार होने के नाते वे एक रोल मॉडल हैं और उन्हें हमेशा सही संदेश लोगों को देना होता है. एक इंटरव्यू में आलिया ने कहा था कि यंग लड़कियां आपको फॉलो करती हैं और आप एक बने-बनाए ढांचे से इतर नहीं जा सकते हैं. ऐसा नहीं है कि आपकी खुद की सोच नहीं हो सकती है या आप किसी चीज़ को लेकर अपना प्वाइंट ऑफ व्यू नहीं रख सकते हैं लेकिन अगर आपकी पॉपुलर ओपिनियन नहीं है तो आप कई लोगों को नाराज कर सकते हैं और अगर ऐसा होता है तो सोशल मीडिया के दौर में चीज़ें बद से बदतर हो सकती हैं. चाहे मैं किसी भी तरह के हालातों से गुजर रही हूं, लेकिन आलिया भट्ट एक स्टार के तौर पर मुझे हमेशा सही दिखना होता है.
इसके अलावा गली बॉय के प्रमोशन्स के दौरान भी आलिया ने अपनी बात रखते हुए कहा था कि मुझे नहीं लगता कि हम किसी भी तरीके से पॉलिटिकली एक्टिव हैं. वो भी ऐसे समय में, जहां छोटी से छोटी बात को लेकर लोग सोशल मीडिया पर बतगंड बना सकते हैं. आज के दौर में किसी मुद्दे के लिए खड़ा होना भी कई मामलों में आपके लिए भारी पड़ सकता है. मुझे लगता है कि शांत रहना बेहद अच्छी चीज़ है. आप जिसमें विश्वास रखते हैं, वो विश्वास बनाए रखिए. उसी चीज़ पर फोकस करिए जो काम आप यहां करने आए हैं और एक अच्छा इंसान बनने की कोशिश कीजिए. इसके अलावा मेरे पिता ने ये भी कहा था कि अगर आपको किसी मुद्दे को लेकर जानकारी नहीं है तो उस बारे में बात करने से बेहतर है कि आप उस मुद्दे पर चुप्पी साध कर रखें.