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मुंबई : दिंडोशी पुलिस ने एक स्वयंभू बाबा को बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी और काला जादू के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान रिदम अशोक पंचाल उर्फ मोंटी (37 वर्ष) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, वह खुद को दिव्य शक्तियों वाला अघोरी बाबा बताकर लोगों को लुभाता था और उनकी व्यक्तिगत और व्यावसायिक समस्याओं का हल करने का झूठा वादा करता था। पुलिस अधिकारी ने बताया कि मोंटी भक्तों से 'अघोरी अनुष्ठान' के नाम पर शराब, सिगरेट, बकरी का जिगर, नींबू और श्मशान घाट की राख जैसी वस्तुएं मंगवाता था। अनुष्ठान के दौरान वह खुद शराब पीता और सिगरेट फूंकता था।

इसके बाद वह भक्तों को निर्देश देता था कि बची हुई शराब, जिगर और अन्य सामग्री को लाल या काले कपड़े में लपेटकर चौराहे पर फेंक दें। वह वादा करता था कि ऐसा करने से उनकी सारी समस्याएं दूर हो जाएंगी।

जिन लोगों ने उसके निर्देशों का पालन नहीं किया या उसका विरोध किया, उन्हें वह गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी देता था। वह कहता था कि अगर तुमने मेरी बात नहीं मानी तो तुम्हारी जान खतरे में पड़ सकती है। एक पीड़ित ने जब पुलिस से संपर्क किया तो दिंडोशी पुलिस स्टेशन ने मामले की जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि मोंटी इन झूठे अनुष्ठानों के जरिए कई लोगों से पैसे और सामान ठग रहा था। 

पुलिस ने आरोपी को भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के साथ-साथ महाराष्ट्र मानव बलि और अन्य अमानवीय, दुष्ट तथा अघोरी प्रथाओं और काला जादू की रोकथाम एवं उन्मूलन अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में पता चला कि रिदम पंचाल पहले जिम ट्रेनर के रूप में काम करता था। कुछ समय पहले उसने नौकरी छोड़ दी और खुद को स्वयंभू अघोरी बाबा घोषित कर दिया। वह सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर अपनी ‘दिव्य शक्तियों’ का प्रचार कर लोगों को अपने पास बुलाता था। पुलिस अधिकारी ने कहा कि यह व्यक्ति पूरी तरह से धोखाधड़ी पर आधारित व्यवसाय चला रहा था। वह लोगों की कमजोरियों का फायदा उठाकर उन्हें डराता और लूटता था।


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