मुंबई-टू-चंबा कुरियर से नशे की सप्लाई, मुख्य सरगना गिरफ्तार, ऐसे हुआ मामले का भंडाफोड़
मुंबई : हिमाचल प्रदेश मे अवैध नशा पर रोक लगाने के लिए राज्य सरकार और प्रदेश पुलिस कई तरह की अभियान चला रही है. वहीं, दूसरी ओर नशे के सौदागर नए-नए तरीके ढूंढ कर नशा सप्लाई करने में जुटे हैं. इसी तरह का एक मामला चंबा जिला से सामने आया है. जहां नशे के सौदागरों ने मुंबई से कुरियर के माध्यम से प्रतिबंधित दवाइयां चंबा भेजते थे. मामले का चंबा दवा निरीक्षक लवली ठाकुर ने भंडाफोड़ किया है. वहीं, स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की टीम ने मुख्य आरोपी को मुंबई से गिरफ्तार कर चंबा लाया है.
मुंबई से चंबा के लिए ड्रग्स सप्लाई
मुंबई से चंबा तक जुड़े ड्रग्स चेन का भंडाफोड़ करने के लिए पिछले लंबे समय से दवा निरीक्षक द्वारा प्लानिंग की जा रही थी. चंबा दवा निरीक्षक लवली ठाकुर के अनुसार, कुछ माह पहले किसी मेडिकल शॉप से बैन दवाइयां दवा निरीक्षक द्वारा पकड़ी गई थी. उसके पीछे के तार भी खंगालने का प्रयास किया जा रहा था. जांच में पता चला कि चंबा में नशील दवाइयां का सप्लाई कुरियर के माध्यम से किया जा रहा और इसके तार मुंबई से जुड़े थे.
कुरियर से भेजी जाती थी प्रतिबंधित दवाइयां
जिस सप्लायर को मुंबई से पकड़ा गया है. वो प्रतिबंधित दवाइयां की सप्लाई कुरियर के माध्यम से चंबा पहुंचाने के लिए करता था. यह काम काफी लंबे समय से चल रहा था. इस कार्य को रोकने के लिए दवा निरीक्षक ने पहले उसके सहयोगी को पकड़ा और उसके खिलाफ मामला दर्ज करवाया, जिसके बाद मामले में मुख्य सप्लायर को मुंबई से पकड़ने के बाद चंबा लाया गया है, जो बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है.
मुंबई से पकड़ा गया मुख्य सरगना मोहमद अहमद
प्रतिबंधित दवाइयों की सप्लाई मामले में स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की टीम ने संयुक्त रूप से मुख्य सरगना मोहम्मद अहमद को मुंबई से गिरफ्तार किया है. आरोप है कि मोहम्मद अहमद नशीली दवाइयां को कुरियर के माध्यम से चंबा में सप्लाई करता था. मामले में स्वास्थ्य विभाग ने इस पूरे गैंग का पर्दाफाश किया है, जिसमें पुलिस का भी अहम योगदान रहा.
2025 में मेडिकल स्टोर से पकड़ी गई थी नशीली दवाइयां
दरअसल, साल 2025 में स्वास्थ्य विभाग ने चंबा के स्थित जुलाखड़ी में एक दवा स्टोर से नशीली दवाइयां का जखीरा पकड़ा था. इसके बाद जब जांच की धारा स्वास्थ्य विभाग की ओर से बढ़ाया गया तो दवा निरीक्षक लवली ठाकुर ने कई पहलू पर जांच की और अंत में इस पूरे प्रकरण का मास्टरमाइंड मुंबई का रहने वाला मोहम्मद अहमद पाया गया. ऐसे में मुख्य आरोपी को पकड़ने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने योजनाबद्ध तरीके से काम किया.