दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, मुंबई, बेंगलुरु... सरकार लाने जा रही है 25% एथेनॉल वाला पेट्रोल, 2030 तक E100 का प्लान
नई दिल्ली : देशभर में एक अप्रैल से E20 पेट्रोल (20 फीसदी एथेनॉल और 80 फीसदी पेट्रोल) बेचने को अनिवार्य करने के बाद सरकार अब E25 पेट्रोल (25 फीसदी एथेनॉल और 75 फीसदी पेट्रोल) ला रही है। सूत्रों का कहना है कि इसके लिए सरकार ने पूरी तैयारी कर ली है, जिसे बस अंतिम रूप दिया जा रहा है।
E25 अभी सभी गाड़ियों में नहीं डाला जा सकता। इसे देखते हुए कुछ ही दिनों में पायलट प्रोजेक्ट के तहत इसकी शुरुआत देश के कुछ पेट्रोल पंपों से की जाएगी। जिसमें दिल्ली और एनसीआर के सभी शहर गुरुग्राम, नोएडा, फरीदाबाद, गाजियाबाद के अलावा मुंबई, हैदराबाद, चेन्नई और बेंगलुरु समेत कुछ अन्य बड़े शहर भी इस लिस्ट में शामिल किए जा रहे हैं।
अभी चुनिंदा पेट्रोल पंपों पर ही मिलेगा
सूत्रों ने बताया कि पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की एथेनॉल ब्लेंडिंग नीति के तहत एथेनॉल को बढ़ावा देने पर काम किया जा रहा है। इसके तहत E-20 आने के बाद अब E-25 लाने पर काम किया जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि शुरुआत में दिल्ली-एनसीआर समेत देश की तमाम मेट्रो सिटी के कुछ चुनिंदा पेट्रोल पंपों से इसे बेचना शुरू किया जाएगा। इसमें पेट्रोल पंपों के एक-एक पेट्रोल टैंकों को E25 पेट्रोल में कन्वर्ट किया जाएगा, सभी को नहीं। ताकि लोगों को ई-20 पेट्रोल की कोई कमी ना रहे।
सरकार रख सकती है कीमत कम
उम्मीद जताई जा रही है कि ई-25 को बढ़ावा देने के लिए सरकार शुरू में इसे कुछ सस्ता रख सकती है। इसमें तेल कंपनियों की रजामंदी भी जरूरी है।
इसके लिए IOC और बीपीसी समेत तमाम तेल कंपनियों से भी बातचीत जारी है। इसके तहत दिल्ली में पूसा इंस्टीट्यूट की तरफ और राजधानी के एक-दो अन्य पेट्रोल पंपों से इसे बेचना शुरू किया जा सकता है।
सूत्रों का कहना है कि उम्मीद है कि कुछ दिनों बाद कुछ पेट्रोल पंपों से ई-25 पेट्रोल लोगों को मिलना भी शुरू हो जाए।
क्या पड़ेगा आप पर असर?
E-25 फ्यूल से ना केवल लोगों की जेब कम ढीली होगी, बल्कि इससे प्रदूषण भी कम होगा। इससे पर्यावरण को भी फायदा होगा।
इसके अलावा सरकार की कच्चे तेल को इंपोर्ट करने पर निर्भरता और कम होगी।
किसानों को भी इसका बड़ा लाभ होगा।
हालांकि, इसे बड़े स्तर पर लागू करने से पहले सरकार इसके चैलेंज को भी समझना चाह रही है। ताकि कुछ पेट्रोल पंपों से इसकी शुरुआत कर इसकी तकनीकी बारीकियों को भी समझा जा सके।
सभी गाड़ियों में नहीं डाला जाएगा E-25
ई-25 बेचने से पहले सरकार और तेल कंपनियां इस फ्यूल ट्रांजिशन को लेकर ऑटोमोबाइल कंपनियों समेत सभी स्टेकहोल्डर से भी बात कर रही हैं। इसका मकसद यह पता लगाना है कि सड़कों पर दौड़ रही गाड़ियों में से कौन-कौन से मॉडल में ई-25 पेट्रोल भरा जा सकता है और किसमें नहीं।