मुंबई : बीएमसी के 79 नगरसेवकों पर लटकी तलवार... जाति प्रमाण पत्र सहित अन्य मामलों को लेकर अदालत में हैं मामले
मुंबई : जनवरी 2026 में हुए बीएमसी चुनाव के बाद 79 निर्वाचित नगरसेवकों के चुनाव परिणामों को अदालत में चुनौती दी गई है। इन मामलों में पूर्व नगरसेवक, राजनीतिक परिवारों के सदस्य और बेहद कम अंतर से हारने वाले उम्मीदवार शामिल हैं। चुनाव याचिका दायर करने वालों में कांग्रेस की पूर्व नगरसेवक शीतल म्हात्रे, शिवसेना की राजुल पटेल, संजय नाना आंबोले और राजू पेडणेकर शामिल हैं।
इसके अलावा मुंबई उत्तर-पश्चिम के सांसद रविंद्र वायकर की बेटी दीप्ति वायकर पोतनीस ने भी अदालत का रुख किया है। उन्होंने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के टिकट पर चुनाव लड़ा था। शिंदे गुट के पूर्व विधायक सदा सरवणकर की बेटी प्रिया सरवणकर गुरव ने भी चुनाव परिणाम को चुनौती दी है। वह शिवसेना उम्मीदवार विशाखा राउत के खिलाफ चुनाव मैदान में थी और पराजित हुई थीं। यह जानकारी आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली को सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत बीएमसी के विधि विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई। गलगली ने 12 मई को मनपा चुनावों में दायर चुनाव याचिकाओं की जानकारी मांगी थी।
गलगली ने बताया कि 79 नगरसेवकों के खिलाफ दायर चुनाव याचिकाओं की सुनवाई फिलहाल अदालत में जारी है। इनमें से एक याचिका पहले ही निचली अदालत द्वारा खारिज की जा चुकी है। वार्ड 119 'एस' से मोहम्मद अनवर अब्दुल्ला शेख द्वारा शिवसेना नगरसेवक राजेश सोनावले और अन्य उम्मीदवारों के खिलाफ दायर याचिका अदालत ने खारिज कर दी है।
वहीं वार्ड 90 से भाजपा उम्मीदवार ज्योति अनिल उपाध्याय महज सात वोटों से कांग्रेस उम्मीदवार टुलिप मिरान्डा से चुनाव हार गई थीं। टुलिप मिरान्डा वर्तमान में मनपा की स्थायी समिति की सदस्य हैं। उनके पति ब्रायन मिरांडा वर्ष 2012 में इसी सीट से विजयी हुए थे, जबकि 2017 में महिला आरक्षित सीट होने पर टुलिप मिरान्डा पहली बार निर्वाचित हुई थीं। इसी तरह कांग्रेस की शीतल म्हात्रे ने भी शिंदे सेना से नगरसेविका रेखा यादव के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। चुनाव परिणामों को चुनौती देने वालों में भाजपा के पूर्व नगरसेवक विनोद मिश्रा, शिवसेना के राजुल पटेल, संजय नाना आंबोले और राजू पेडणेकर शामिल हैं।