एनडीपीएस कोर्ट का फैसला, ड्रग केस में 5 आरोपियों को सजा
मुंबई : नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की मुंबई जोनल यूनिट को सिंथेटिक ड्रग तस्करी मामले में बड़ी सफलता मिली है। मुंबई के ठाणे स्थित विशेष एनडीपीएस अदालत ने गिरोह के सरगना समेत पांच आरोपियों को 15 साल से लेकर एक साल तक की सजा सुनाई है। विशेष एनडीपीएस कोर्ट ने मुंबई के चिंचबंदर निवासी मोहम्मद आरिफ याकूब भुजवाला को 15 साल के कठोर कारावास और दो लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। वहीं, परवेज खान उर्फ ‘चिंकू पठान’, मोहम्मद सलमान खान और ठाणे के भिवंडी निवासी विक्रांत जैन को पांच-पांच साल की सजा और 50-50 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है।
इसके अलावा मुंबई के बांद्रा पश्चिम निवासी हारिस फैजुल्लाह खान को एक साल की सजा और 10 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया गया। एनसीबी के मुताबिक जांच के दौरान परवेज खान उर्फ चिंकू पठान की 1.5 करोड़ रुपये से अधिक की दो चल और तीन अचल संपत्तियां फ्रीज की गईं। वहीं, गिरोह के सरगना मोहम्मद आरिफ भुजवाला के खिलाफ वित्तीय जांच में नकदी, आठ चल संपत्तियां और चार अचल संपत्तियां जब्त की गईं, जिनकी कुल कीमत पांच करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है। एजेंसी के अनुसार ये संपत्तियां ड्रग्स की अवैध कमाई से अर्जित की गई थीं।
जांच में सामने आया कि जब्त ड्रग्स की सप्लाई मोहम्मद आरिफ भुजवाला कर रहा था, जो मुंबई के चिंचबंदर इलाके से संगठित सिंथेटिक ड्रग तस्करी नेटवर्क चला रहा था। खुलासों और तकनीकी जांच के आधार पर एनसीबी ने आरिफ भुजवाला से जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी की। एनसीबी जांचकर्ताओं के अनुसार, विक्रांत जैन उर्फ विक्की जैन ड्रग तस्करी के नेटवर्क को आर्थिक मदद पहुंचाने के साथ खुद भी अवैध तस्करी में शामिल था। भिवंडी स्थित उसके ठिकाने पर छापेमारी के दौरान 52.8 ग्राम मेफेड्रोन बरामद किया गया, जिसमें पान मसाला और तंबाकू उत्पादों में मिलाया गया नशीला पदार्थ भी शामिल था। जांच एजेंसी ने कहा कि बरामद वित्तीय दस्तावेजों और बैंक रिकॉर्ड से यह साबित हुआ कि विक्रांत जैन मादक पदार्थों के कारोबार को फंडिंग और संचालन में मदद कर रहा था।