भिवंडी : अवैध औद्योगिक गतिविधियों पर बड़ी कार्रवाई, जींस वॉश फैक्ट्री सील
भिवंडी : शहर में बढ़ते प्रदूषण और गैर-कानूनी औद्योगिक गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए भिवंडी-निज़ामपुर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ने रविवार को बड़ी कार्रवाई की। इस दौरान प्रभाग समिति-1 क्षेत्र में बिना अनुमति संचालित हो रही एक जींस वॉश फैक्ट्री को तुरंत सील कर दिया गया। इस कार्रवाई का नेतृत्व खुद नारायण चौधरी ने किया, जिन्होंने निरीक्षण अभियान के दौरान मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। उनके साथ नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी और निरीक्षण दल भी मौजूद था।
निरीक्षण के दौरान फैक्ट्री परिसर में भारी मात्रा में केमिकल, अस्वच्छ माहौल और पर्यावरण के लिए खतरनाक गतिविधियों के प्रमाण मिले। सबसे गंभीर बात यह सामने आई कि फैक्ट्री से निकलने वाला बिना ट्रीट किया हुआ औद्योगिक कचरा सीधे पास के नाले में छोड़ा जा रहा था, जिससे आसपास के क्षेत्र में प्रदूषण का स्तर बढ़ने का खतरा पैदा हो गया था। अधिकारियों के अनुसार, यह फैक्ट्री बिना किसी वैध अनुमति के लंबे समय से संचालित हो रही थी और पर्यावरणीय नियमों का खुलेआम उल्लंघन कर रही थी। मौके पर निरीक्षण के बाद प्रशासन ने तुरंत फैक्ट्री को सील करने का आदेश जारी किया और वहां मौजूद सभी मशीनों और रसायनों की जांच शुरू कर दी गई।
यह कार्रवाई भिवंडी शहर में चल रहे उस व्यापक अभियान का हिस्सा है, जिसके तहत नगर निगम और प्रशासन मिलकर अवैध उद्योगों, नालों की सफाई और प्रदूषण नियंत्रण पर काम कर रहे हैं। विशेष रूप से मॉनसून से पहले जलभराव और गंदगी की समस्या को रोकने के लिए यह अभियान तेज किया गया है। नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि शहर में कई छोटी-बड़ी फैक्ट्रियां बिना अनुमति के चल रही हैं, जो न केवल नियमों का उल्लंघन कर रही हैं, बल्कि पर्यावरण और सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए भी खतरा बन रही हैं। ऐसे सभी मामलों की जांच की जा रही है और आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
नारायण चौधरी ने इस मौके पर कहा कि शहर में अवैध औद्योगिक गतिविधियों और प्रदूषण को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे सभी यूनिट्स की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में कोई भी नियमों का उल्लंघन करने की हिम्मत न कर सके। स्थानीय निवासियों ने भी इस कार्रवाई का स्वागत किया है। उनका कहना है कि फैक्ट्रियों से निकलने वाला गंदा पानी और रसायन लंबे समय से इलाके की नालियों और पर्यावरण को प्रभावित कर रहे थे। इससे न केवल बदबू और गंदगी फैल रही थी, बल्कि स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी बढ़ रही थीं। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि आगे आने वाले दिनों में ऐसे और निरीक्षण किए जाएंगे और अवैध इकाइयों के खिलाफ अभियान और तेज किया जाएगा। नगर निगम का उद्देश्य शहर को स्वच्छ, सुरक्षित और प्रदूषण मुक्त बनाना है। इस कार्रवाई को प्रशासन की ओर से एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ अब किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।