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मुंबई : कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विधान परिषद सदस्य भाई जगताप ने हाल ही में देशभर के चुनावों और बढ़ती राजनीतिक हिंसा को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि उनका ध्यान सिर्फ बंगाल के चुनावों पर नहीं, बल्कि पूरे देश में चुनावी प्रक्रिया और लोकतांत्रिक संस्थाओं की सुरक्षा पर है। जगताप ने विशेष रूप से चुनाव आयोग और अन्य संवैधानिक निकायों के उपयोग को लेकर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि "सरकार के सत्ता में आने के बाद भी हिंसा रोकने में विफल रही है। ऐसी हिंसा का कोई समर्थन नहीं करेगा। यदि सत्ता में बैठे लोग खुद इस हिंसा को बढ़ावा देते हैं, तो भविष्य में पश्चिम बंगाल की स्थिति के बारे में आसानी से अनुमान लगाया जा सकता है।"

भाई जगताप ने ममता बनर्जी के उस बयान का भी समर्थन किया जिसमें उन्होंने इस हिंसा के खिलाफ आंदोलन शुरू करने की बात कही थी। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी को इस विषय पर अपनी आवाज उठाने का पूरा अधिकार है और वह इस मुद्दे पर सक्रिय होकर लोगों तक संदेश पहुंचा सकती हैं। जगताप ने यह भी जोर देकर कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं और संवैधानिक निकायों को निष्पक्ष और स्वतंत्र रूप से काम करना चाहिए, ताकि सभी नागरिकों का विश्वास कायम रहे। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सत्ता पक्ष की तरफ से हिंसा को संरक्षण मिलता रहा, तो इससे न सिर्फ राज्य बल्कि पूरे देश की राजनीतिक स्थिति प्रभावित हो सकती है। भाई जगताप के बयान ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है और विपक्षी दलों में इसके असर को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि यह बयान आगामी चुनावों में जनता के निर्णय पर भी प्रभाव डाल सकता है।

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