ठाणे क्लस्टर रीडेवलपमेंट में तेजी के निर्देश, शिंदे ने वागले एस्टेट–कोपरी प्रोजेक्ट एमएसआरडीसी को सौंपने को कहा
ठाणे : डिप्टी चीफ मिनिस्टर एकनाथ शिंदे ने अधिकारियों को ठाणे क्लस्टर रीडेवलपमेंट स्कीम के काम में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि वागले एस्टेट, किसान नगर और कोपरी क्षेत्रों में चल रहे या प्रस्तावित महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स को तेज गति से आगे बढ़ाया जाए ताकि स्थानीय नागरिकों को जल्द लाभ मिल सके। बैठक के दौरान शिंदे ने स्पष्ट निर्देश दिया कि इन क्षेत्रों से जुड़े प्रोजेक्ट्स को महाप्रीत (महात्मा फुले रिन्यूएबल एनर्जी एंड इंफ्रास्ट्रक्चर टेक्नोलॉजी लिमिटेड) से महाराष्ट्र स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन को ट्रांसफर किया जाए। इस कदम का उद्देश्य परियोजनाओं की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी और तेज बनाना बताया जा रहा है।
ठाणे क्लस्टर रीडेवलपमेंट स्कीम के तहत शहर के घनी आबादी वाले इलाकों का पुनर्विकास किया जाना है, जिसमें आवासीय सुविधाओं के साथ-साथ बुनियादी ढांचे को भी मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। वागले एस्टेट, किसान नगर और कोपरी जैसे क्षेत्र लंबे समय से पुनर्विकास की प्रतीक्षा में हैं, जहां पुरानी संरचनाएं और बढ़ती आबादी के कारण बुनियादी सुविधाओं पर दबाव बढ़ता जा रहा है। शिंदे ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि परियोजनाओं में किसी भी प्रकार की देरी स्वीकार नहीं की जाएगी और सभी एजेंसियों को आपसी समन्वय के साथ काम करना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि रीडेवलपमेंट योजनाओं का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को सुरक्षित और आधुनिक आवास उपलब्ध कराना है।
एमएसआरडीसी को प्रोजेक्ट ट्रांसफर करने के निर्णय को प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे परियोजनाओं के क्रियान्वयन में गति आने की उम्मीद है। अधिकारियों का मानना है कि एक ही एजेंसी के तहत काम होने से निर्णय प्रक्रिया सरल होगी और विकास कार्यों में तेजी आएगी। बैठक में यह भी चर्चा हुई कि क्लस्टर रीडेवलपमेंट स्कीम के तहत आने वाले क्षेत्रों में मूलभूत ढांचे जैसे सड़क, जल आपूर्ति, सीवरेज और आवासीय सुविधाओं को प्राथमिकता दी जाए। शिंदे ने कहा कि सरकार का फोकस शहरों के संतुलित और योजनाबद्ध विकास पर है।
स्थानीय नागरिकों की लंबे समय से यह मांग रही है कि ठाणे के इन क्षेत्रों में पुनर्विकास कार्य तेजी से पूरे किए जाएं, ताकि उन्हें बेहतर आवास और सुविधाएं मिल सकें। सरकार के इस निर्णय को उसी दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। अधिकारियों को अब निर्देश दिए गए हैं कि वे जल्द से जल्द ट्रांसफर प्रक्रिया पूरी करें और परियोजनाओं को नई एजेंसी के तहत आगे बढ़ाने की योजना तैयार करें। इस बैठक के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि ठाणे क्लस्टर रीडेवलपमेंट स्कीम के तहत चल रहे कामों में तेजी आएगी और लंबे समय से लंबित परियोजनाओं को गति मिलेगी।