वडाला आरटीओ शिफ्ट की तैयारी तेज, हजारों लोगों को मिल सकती है बेहतर सुविधा
मुंबई: वडाला रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिस में आने वाले हज़ारों लोगों को लंबे समय से सुविधाओं की कमी का सामना करना पड़ रहा है, जिसके चलते अब इस कार्यालय को बेहतर और अधिक सुविधाजनक जगह पर शिफ्ट करने की योजना पर तेजी से काम किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, इस संबंध में एक प्रस्ताव पहले ही संबंधित विभाग को भेजा जा चुका है और कुछ वैकल्पिक स्थानों की पहचान भी कर ली गई है। वडाला ट्रक टर्मिनल स्थित एमएमआरडीए बिल्डिंग की दूसरी और तीसरी मंज़िल से यह आरटीओ कार्यालय वर्ष 1999 से संचालित हो रहा है। यहां प्रतिदिन करीब 500 से 600 लोग विभिन्न सेवाओं के लिए पहुंचते हैं, जिनमें लर्नर लाइसेंस, ड्राइविंग लाइसेंस, लाइसेंस नवीनीकरण और वाहन से जुड़ी अन्य सेवाएं प्रमुख हैं।
हालांकि, बढ़ती भीड़ और सीमित जगह के कारण कार्यालय में लगातार दबाव बढ़ रहा है। नागरिकों को लंबी कतारों, बैठने की उचित व्यवस्था की कमी और अन्य बुनियादी सुविधाओं के अभाव जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। कई बार भीड़ के कारण कामकाज की गति भी प्रभावित होती है, जिससे लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। अधिकारियों ने बताया कि मौजूदा भवन अब जरूरतों के हिसाब से पर्याप्त नहीं रह गया है। इसके चलते नए और बड़े स्थान पर शिफ्टिंग की योजना पर विचार किया जा रहा है, जहां अधिक काउंटर, बेहतर प्रतीक्षा क्षेत्र और डिजिटल सेवाओं के लिए उपयुक्त ढांचा उपलब्ध हो सके।
सूत्रों के मुताबिक, प्रस्तावित शिफ्टिंग योजना में ऐसे स्थानों को प्राथमिकता दी जा रही है जहां पहुंच आसान हो और सार्वजनिक परिवहन की सुविधा भी उपलब्ध हो। इसके अलावा, भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त पार्किंग और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी जोर दिया जा रहा है। आरटीओ अधिकारियों का कहना है कि नागरिक सेवाओं को सरल और तेज बनाने के लिए यह बदलाव जरूरी है। मौजूदा स्थिति में बढ़ती आबादी और वाहनों की संख्या के कारण मौजूदा कार्यालय पर दबाव लगातार बढ़ रहा है। स्थानीय नागरिकों का भी मानना है कि यदि आरटीओ को बेहतर स्थान पर स्थानांतरित किया जाता है, तो सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा और समय की बचत होगी। लोगों ने मांग की है कि नई जगह पर सभी सेवाएं डिजिटल और सुविधाजनक तरीके से उपलब्ध कराई जाएं। फिलहाल, शिफ्टिंग को लेकर प्रक्रिया जारी है और संबंधित विभागों से मंजूरी मिलने के बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा।