पनवेल में मलेरिया रोकथाम माह शुरू, डेंगू और अन्य बीमारियों पर जागरूकता अभियान तेज
पनवेल : पनवेल नगर निगम ने राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत ‘मलेरिया खत्म करने की रणनीति 2030’ के अनुरूप एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। इसके अंतर्गत जून महीने को पूरे क्षेत्र में ‘मलेरिया रोकथाम माह’ के रूप में मनाया जा रहा है। इस दौरान नगर निकाय का मेडिकल और स्वास्थ्य विभाग बड़े स्तर पर जागरूकता अभियान चला रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य लोगों को मलेरिया के साथ-साथ मच्छरों से फैलने वाली अन्य गंभीर बीमारियों जैसे डेंगू, चिकनगुनिया, ज़िका, चांदीपुरा वायरस संक्रमण और फाइलेरिया के बारे में जानकारी देना और उनसे बचाव के उपायों को बढ़ावा देना है।
अभियान के तहत नागरिकों की सक्रिय भागीदारी पर विशेष जोर दिया जा रहा है, ताकि लोग अपने घरों और आसपास के क्षेत्रों में साफ-सफाई बनाए रखें और मच्छरों के प्रजनन को रोकने में सहयोग करें। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि जनभागीदारी के बिना इन बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण संभव नहीं है। पनवेल नगर निगम के मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आनंद गोसावी के अनुसार, यह जागरूकता अभियान विभिन्न स्तरों पर चलाया जा रहा है। इसके लिए शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, अर्बन हेल्थ एंड वेलनेस सब-सेंटर्स और ‘आपला दवाखाना’ जैसी स्वास्थ्य सुविधाओं का उपयोग किया जा रहा है।
अभियान के दौरान मेडिकल अधिकारी, नर्स और आशा कार्यकर्ता नियमित रूप से नागरिकों से संपर्क कर रहे हैं और उन्हें बीमारियों के लक्षण, इलाज और रोकथाम के तरीकों के बारे में जानकारी दे रहे हैं। इसके अलावा, समुदाय स्तर पर आउटरीच कार्यक्रम और सूचना सत्र भी आयोजित किए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि बदलते मौसम और पानी के जमाव के कारण मच्छर जनित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में समय रहते जागरूकता फैलाना और रोकथाम के उपाय अपनाना बेहद जरूरी है।
इस अभियान में लोगों को यह भी बताया जा रहा है कि घरों के आसपास पानी जमा न होने दें, कूलर और टंकियों की नियमित सफाई करें तथा मच्छरदानी और अन्य सुरक्षात्मक उपायों का उपयोग करें। अधिकारियों के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य केवल बीमारी का इलाज करना नहीं, बल्कि उसे फैलने से पहले रोकना है। इसी सोच के तहत पूरे जून महीने को विशेष जागरूकता अभियान के रूप में चलाया जा रहा है। नगर निगम को उम्मीद है कि इस अभियान के माध्यम से शहर में मलेरिया और अन्य वेक्टर जनित बीमारियों के मामलों में कमी आएगी और लोग स्वास्थ्य के प्रति अधिक जागरूक होंगे।