मुंबई : रविवार रात एक दर्दनाक हादसे में मानखुर्द इलाके में मकान गिरने से छह लोगों की मौत हो गई, जिनमें दो से 14 साल की उम्र के पांच बच्चे और एक वयस्क महिला शामिल हैं। यह हादसा भारी बारिश के बीच रात करीब 8:30 बजे मानखुर्द स्थित हनुमान मंदिर के पीछे जनता नगर की चॉल नंबर-05 में हुआ, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस हादसे में दो से तीन झोपड़ियां और एक तीन मंजिला इमारत का हिस्सा अचानक ढह गया। देखते ही देखते भारी मात्रा में मलबा नीचे गिरा, जिसमें कुल सात लोग फंस गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया और पुलिस तथा आपदा राहत दल को सूचना दी गई।

मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालकर तत्काल नजदीकी अस्पतालों में ले जाया गया। इनमें से पांच लोगों को शताब्दी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने सभी को मृत घोषित कर दिया। वहीं दो अन्य घायलों को राजावाड़ी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां एक व्यक्ति को मृत घोषित किया गया, जबकि दूसरे की हालत गंभीर लेकिन स्थिर बताई जा रही है।

इस हादसे में जिन लोगों की मौत हुई है, उनमें आलिया (7), मुस्कान (14), निहाल (6), नबिया (2), सोनी (32) और मुनाफ (7) शामिल हैं। बच्चों की मौत से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, इलाके में पिछले कई दिनों से लगातार बारिश हो रही थी, जिसके कारण मिट्टी और संरचनाएं कमजोर हो गई थीं। इसी वजह से चॉल और आसपास की झोपड़ियों की नींव कमजोर हो गई और अचानक ढहने की घटना हुई। लोगों का कहना है कि यदि समय पर मरम्मत या सुरक्षा उपाय किए गए होते, तो इस तरह का बड़ा हादसा टाला जा सकता था।

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। एनडीआरएफ और फायर ब्रिगेड की टीमों ने भी मलबा हटाने का काम किया। क्षेत्र को खाली कराकर आसपास के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है।

प्रशासन ने इलाके में सुरक्षा के मद्देनजर आसपास की अन्य जर्जर इमारतों की जांच शुरू कर दी है। नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि भारी बारिश के चलते कई पुरानी और कमजोर इमारतों पर खतरा मंडरा रहा है, जिन्हें खाली कराने की कार्रवाई की जा सकती है। इस हादसे ने एक बार फिर मुंबई में झुग्गी और चॉल क्षेत्रों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लगातार बारिश के दौरान कमजोर संरचनाओं में रह रहे लोगों की सुरक्षा एक बड़ी चुनौती बन गई है। फिलहाल राहत कार्य पूरा कर लिया गया है और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतकों के परिजनों को प्रशासन की ओर से सहायता देने की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है। यह दर्दनाक हादसा मुंबई में बारिश के दौरान शहरी सुरक्षा और कमजोर भवन संरचनाओं की स्थिति को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर रहा है।


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