नवी मुंबई : लगातार बारिश से मोरबे डैम में बढ़ा जलस्तर, नवी मुंबई को 166 दिनों तक पानी की राहत
नवी मुंबई : मानसून की लगातार बारिश ने नवी मुंबई के लिए बड़ी राहत की उम्मीद जगा दी है। रायगढ़ जिले के खालापुर तालुका में स्थित मोरबे डैम के कैचमेंट एरिया में हो रही अच्छी बारिश के कारण जलाशय का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। इससे नवी मुंबई के पेयजल संकट की चिंता काफी कम हुई है और उम्मीद जताई जा रही है कि इस मानसून में डैम पूरी तरह भर सकता है। मोरबे डैम नवी मुंबई के लिए पीने के पानी का मुख्य स्रोत है। ऐसे में जलाशय में तेजी से बढ़ता पानी शहर के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। अधिकारियों के अनुसार, बारिश की मौजूदा रफ्तार जारी रही तो आने वाले दिनों में डैम अपने पूर्ण जल भंडारण स्तर तक पहुंच सकता है।
दस दिनों में तेजी से बढ़ा पानी का भंडार जानकारी के मुताबिक, मोरबे डैम में कुल पानी का भंडारण अब 78.80 मिलियन क्यूबिक मीटर तक पहुंच गया है। यह डैम की कुल क्षमता का करीब 57.82 प्रतिशत है। वहीं, इस्तेमाल योग्य पानी का भंडारण बढ़कर 58.30 मिलियन क्यूबिक मीटर हो गया है, जो कुल क्षमता का 42.79 प्रतिशत है। यह आंकड़ा जून के अंतिम सप्ताह की स्थिति से काफी बेहतर है। जून के आखिर में डैम में इस्तेमाल योग्य पानी का स्तर केवल 8.84 प्रतिशत रह गया था। लेकिन जुलाई की शुरुआत से लगातार हो रही बारिश के कारण सिर्फ दस दिनों के भीतर यह बढ़कर 42.79 प्रतिशत तक पहुंच गया।
दिसंबर तक पानी की उपलब्धता अधिकारियों का कहना है कि वर्तमान जल भंडारण के आधार पर नवी मुंबई को करीब 166 दिनों तक पेयजल उपलब्ध कराया जा सकता है। यानी शहर में 12 दिसंबर तक पानी की आपूर्ति सुनिश्चित रहने की उम्मीद है। यह स्थिति मानसून की शुरुआत में पानी की कमी को लेकर बनी चिंता के बीच बड़ी राहत मानी जा रही है। मानसून में देरी से बढ़ी थी चिंता इस साल मानसून के देर से पहुंचने के कारण जून के अंत तक मोरबे डैम का जलस्तर तेजी से नीचे चला गया था। गर्मी और कम बारिश के कारण जलाशय में पानी की उपलब्धता लगातार घट रही थी।
नवी मुंबई प्रशासन के सामने पेयजल प्रबंधन बड़ी चुनौती बन गया था। हालांकि, जुलाई के पहले सप्ताह से मौसम में बदलाव आया और लगातार बारिश के कारण डैम में पानी की आवक बढ़ गई। धावरी नदी पर बना है मोरबे डैम मोरबे डैम रायगढ़ जिले के खालापुर तालुका में धावरी नदी पर बनाया गया है। यह नवी मुंबई महानगरपालिका के लिए पानी का सबसे महत्वपूर्ण स्रोत है। इसके अलावा यह डैम खारघर और कामोठे के कुछ हिस्सों में भी पानी की आपूर्ति करता है। शहर की बड़ी आबादी की पेयजल जरूरतें इसी जलाशय पर निर्भर हैं।