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मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़े राजनीतिक घटनाक्रम की चर्चा तेज हो गई है. सूत्रों के मुताबिक, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का शीर्ष नेतृत्व राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के दोनों गुटों के संभावित विलय को लेकर गंभीरता से विचार कर रहा है और इसके लिए एक अहम फॉर्मूला भी तैयार किया गया है.

सूत्रों के अनुसार, प्रस्तावित फॉर्मूले के पहले हिस्से के तहत यदि एनसीपी के दोनों गुटों का एकीकरण होता है और वह राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सहयोगी दल के रूप में साथ रहता है, तो केंद्र सरकार में उसे दो मंत्री पद दिए जा सकते हैं. इनमें एक कैबिनेट मंत्री और एक राज्य मंत्री का पद शामिल हो सकता है.

वहीं, महाराष्ट्र मंत्रिमंडल में भी दोनों गुटों के एक होने की स्थिति में राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं. सूत्रों का कहना है कि इस परिस्थिति में सुनेत्रा पवार की भूमिका और राजनीतिक कद को प्रदेश सरकार में और बढ़ाया जा सकता है.

बीजेपी सूत्रों के मुताबिक, पार्टी का शीर्ष नेतृत्व किसी भी स्थिति में यह संदेश नहीं देना चाहता कि वह संख्या बल बढ़ाने या राजनीतिक लक्ष्य हासिल करने के लिए विपक्षी दलों में टूट को प्रोत्साहित कर रहा है. इसके बजाय कोशिश यह है कि यदि एनसीपी का एकीकृत स्वरूप सामने आता है, तो उसे एक मजबूत एनडीए सहयोगी के रूप में समर्थन दिया जाए.

सूत्रों ने यह भी बताया कि एनसीपी के अजीत पवार गुट में हाल के दिनों में सामने आई आंतरिक तनाव की खबरों को गंभीरता से लिया गया है. पार्टी स्तर पर यह संदेश दिया गया है कि किसी भी प्रकार के मतभेदों को जल्द से जल्द दूर किया जाए, ताकि भविष्य की राजनीतिक रणनीति पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े.

हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम को लेकर अभी तक बीजेपी, शरद पवार गुट या अजीत पवार गुट की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. लेकिन राजनीतिक गलियारों में इस संभावित विलय और उसके असर को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है.

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