मुंबई में बैठकर शख्स ने जंतर-मंतर के प्रदर्शनकारियों के लिए भेजा Zomato से खाना
मुंबई:राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने पूरे देश का दिल जीत लिया है. जब हौसले और इंसानियत की बात आती है, तो सैकड़ों किलोमीटर की दूरी भी बेमानी हो जाती है. ऐसा ही कुछ देखने को मिला जब मुंबई में बैठे एक शख्स ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे लोगों के लिए ऑनलाइन खाना ऑर्डर कर दिया. बारिश के बीच जब जोमैटो का डिलीवरी बॉय भारी-भरकम खाने का पैकेट लेकर प्रदर्शन स्थल पर पहुंचा, तो वहां मौजूद लोग भी हैरान रह गए. इस भावुक और निस्वार्थ कदम की वीडियो अब सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रही है.
मुंबई के अनुज रावत ने उठाया जिम्मा, बारिश में खाना लेकर पहुंचा जोमैटो बॉय
प्रदर्शनकारियों के लिए मुफ्त खाने की व्यवस्था करने वाले शख्स की पहचान मुंबई के रहने वाले अनुज रावत के रूप में हुई है. जंतर-मंतर पहुंचे जोमैटो डिलीवरी बॉय ने बताया कि अनुज रावत ने ऑनलाइन ऑर्डर प्लेस किया था और निर्देश दिए थे कि यह खाना जंतर-मंतर पर मौजूद उन प्रदर्शनकारियों को दिया जाए जिन्हें भोजन की जरूरत है. खाने का पूरा भुगतान अनुज ने पहले ही ऑनलाइन कर दिया था. सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में देखा जा सकता है कि तेज बारिश के बीच डिलीवरी एग्जीक्यूटिव हाथ में खाने के बड़े-बड़े पैकेट थामे खड़ा है, ताकि प्रदर्शन में डटे लोगों का पेट भरा जा सके.
'यही तो है भारत' दूरी भी नहीं रोक सकी मदद का हाथ
इंटरनेट पर इस वीडियो के साथ एक खूबसूरत मैसेज भी तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें लिखा है, "यह वही भारत है जिसे हम खोने से इनकार करते हैं. सैकड़ों मील दूर बैठे लोग जोमैटो और स्विगी के जरिए खाना ऑर्डर कर रहे हैं और डिलीवरी पार्टनर्स से कह रहे हैं कि वे जंतर-मंतर पर भूखे प्रदर्शनकारियों को खाना खिलाएं. यही तो भारत की असली सोच है." मुंबई से दिल्ली तक का यह सफर और डिलीवरी बॉय का बारिश में भी अपनी ड्यूटी के साथ-साथ इस नेक काम में सहयोग करना, हर किसी को भावुक कर रहा है.
सोशल मीडिया पर मिली जमकर तारीफ
इस वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स अनुज रावत और जोमैटो डिलीवरी बॉय की जमकर तारीफ कर रहे हैं. कई लोगों ने कमेंट्स के जरिए अपने विचार रखे. एक यूजर ने लिखा, "लोग कहते हैं कि प्रदर्शन के पीछे फंडिंग होती है, लेकिन देखिए कैसे आम हिंदुस्तानी अपनी जेब से पैसे देकर अपनों की मदद कर रहे हैं, इस भाई को सलाम." वहीं एक और यूजर ने जोमैटो और स्विगी को टैग करते हुए लिखा, "क्या ऐप्स को जंतर-मंतर जैसे स्थानों पर मदद भेजने के लिए कोई खास डिस्काउंट या अलग से ऑप्शन नहीं चालू करना चाहिए?"