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मुंबई: हाल ही में बेस्ट ( बृहन्मुंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट ) के वेट लीज बसों के एक्सीडेंट के कई मामले सामने आए हैं। इसने वेट लीज बसों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठाएं हैं।इसी को ध्यान में रखते हुए बेस्ट समिति के सदस्य नितिन नांदगांवकर ने अप्रैल में वेट लीज बसों की ब्रेक प्रणाली और स्टीयरिंग सिस्टम में आ रही खामियों का मुद्दा उठाया था। इसके बाद सभी बसों की जांच की गई थी। 17 जुलाई को जारी किये गए लेटर में पाया गया कि वेटली की 34% बसों में समस्या पाई गई थी। इनमें से फिलहाल 30% गाड़ियों की मरम्मत कर उसे फिर रोड पर भेजा गया है और 4% गाड़ियों की जांच अब भी जारी है। 

3 महीनों से चल रहा 94 बसों की मरम्मत का काम

बेस्ट रिपोर्ट में बताया गया है कि वेटलीज़ की कुल 2,553 वेट लीज बसों के ब्रेक और स्टीयरिंग प्रणाली की जांच की गई। इनमें से 1,684 बसों में किसी प्रकार की तकनीकी खराबी नहीं मिली। लेकिन 868 बसों में ब्रेक और स्टीयरिंग से जुड़ी गंभीर कमियां पाई गईं। इनमें से 774 बसों की मरम्मत पूरी कर उन्हें फिर से सेवा में शामिल कर दिया गया है, जबकि 94 बसों की मरम्मत का काम अभी जारी है, जो कि बीते 3 महीनों से हो रहा है। जिसका पेनल्टी को लेकर भी कोई जवाब नहीं है।

इंजीनियरिंग विभाग के पास नहीं है जवाब

इस मामले पर नितिन नांदगांवकर का कहना है कि जो 774 बसों को उन्होंने मरम्मत कर रास्तों पर फिर से भेजा है, क्या उन ही बसों का तो एक्सीडेंट नहीं हो रहा है, जिसका जवाब इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट नहीं दे रहा है। साथ ही 94 बसों ऐसी कौन सी समस्या है, जिसे दुरुस्त करने के लिए 3 महीने से अधिक समय लग रहा है। तो वहीं

बेस्ट प्रशासन का कहना है कि वेट लीज ऑपरेटरों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी तकनीकी खामी को नजरअंदाज न किया जाए और समय पर मरम्मत कराई जाए।


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