भिवंडी हादसे के बाद जर्जर इमारतें खाली कराने के आदेश
मुंबई/भिवंडी: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य में असुरक्षित और जर्जर इमारतों में रह रहे लोगों को तत्काल बाहर निकालने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों को आदेश दिया है कि लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए खतरनाक इमारतों को खाली कराया जाए। जरूरत पड़ने पर प्रशासन को बल प्रयोग करने की अनुमति भी दी गई है। मुख्यमंत्री का यह निर्देश भिवंडी में हुई इमारत गिरने की दर्दनाक घटना के बाद आया है। गुरुवार देर रात हुई इस घटना में करीब 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद राज्य सरकार ने खतरनाक इमारतों को लेकर सख्त रुख अपनाया है।
भिवंडी में चार मंजिला इमारत का हिस्सा गिरा जानकारी के अनुसार, भिवंडी के बालाजी नगर इलाके के गंगारामवाड़ी क्षेत्र में स्थित कोहिनूर अपार्टमेंट का एक हिस्सा गुरुवार रात करीब 11:30 बजे अचानक ढह गया। यह चार मंजिला इमारत थी, जिसका एक हिस्सा गिरने से कई लोग मलबे में दब गए। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस, अग्निशमन विभाग और बचाव दल मौके पर पहुंच गए। रातभर राहत और बचाव अभियान चलाया गया। मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए बचावकर्मियों ने काफी मेहनत की।
हादसे में कई लोगों को गंभीर चोटें आईं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। अधिकारियों ने बताया कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है, क्योंकि मलबे में फंसे लोगों की तलाश के लिए अभियान चलाया गया। सी1 श्रेणी में शामिल थी इमारत प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, कोहिनूर अपार्टमेंट को पहले ही सी1 श्रेणी की खतरनाक इमारत घोषित किया गया था। सी1 श्रेणी का मतलब ऐसी इमारतों से है, जिन्हें रहने के लिए बेहद असुरक्षित माना जाता है और जिन्हें तत्काल खाली कराने की जरूरत होती है।
इसके बावजूद लोग इस इमारत में रह रहे थे। हादसे के बाद प्रशासन की भूमिका और खतरनाक घोषित इमारतों को खाली कराने की प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे हैं। मुख्यमंत्री फडणवीस ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि ऐसी सभी इमारतों की पहचान कर कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। जरूरत पड़ने पर बल प्रयोग की अनुमति मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए हैं कि लोगों की जान बचाना सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि यदि लोग खतरनाक इमारतों को खाली करने से इनकार करते हैं तो प्रशासन कानून के तहत आवश्यक कदम उठा सकता है।