मुंबई : मुंबई कोर्ट ने ड्यूश बैंक के वरिष्ठ अधिकारी के खिलाफ दुष्कर्म मामले में पुलिस की ए-समरी क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार करने से इनकार कर दिया. अब इस मामले की 17 सितंबर को होने वाली अगली सुनवाई तक पुलिस को जांच की रिपोर्ट देनी होगी. दुष्कर्म के मामले में मुंबई पुलिस की क्लोजर रिपोर्ट कोर्ट ने नामंजूर की. इस मामले में आरोपित भारतीय मूल के ब्रिटिश नागरिक और डॉयचे बैंक के वरिष्ठ अधिकारी के खिलाफ जांच करने के लिए पुलिस को नोटिस जारी किया है. मुंबई की 71वीं अदालत के न्यायिक मजिस्ट्रेट ने दुष्कर्म के एक मामले में पुलिस की क्लोजर रिपोर्ट को फिलहाल स्वीकार करने से इनकार करते हुए आगे की जांच की मांग वाले पीड़िता के आवेदन पर नोटिस जारी किया है. अब इस मामले की 17 सितंबर को होने वाली अगली सुनवाई तक पुलिस को जांच की रिपोर्ट देनी होगी.

सांताक्रूज पुलिस थाने में 27 अप्रैल, 2026 को भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धाराओं 64(1), 74 और 75 के तहत एफआईआर 434 दर्ज हुई थी. एफआईआर मुंबई की एक कामकाजी महिला द्वारा डॉयचे बैंक के वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी अमित मेहता के खिलाफ लगाए गए आरोपों के आधार पर दर्ज की गई. मेहता ब्रिटिश नागरिक हैं. वो स्विट्जरलैंड के जिनेवा में भी रहे हैं.

एफआईआर के मुताबिक, कथित घटना 7 अप्रैल, 2025 की सुबह हुई थी. शिकायतकर्ता के अनुसार, एक साझा परिचित के माध्यम से आयोजित डिनर के बाद वह सांताक्रूज स्थित एक होटल में मेहता से मिली थीं. आरोप है कि समुद्र के किनारे मौजूद रहने के दौरान मेहता ने उन्हें जबरन चूमा और उनका यौन उत्पीड़न किया. हालांकि, ये आरोप अभी जांच और न्यायिक निर्धारण के अधीन हैं. 

बाद में सांताक्रूज पुलिस ने मामले में ‘ए-समरी’ क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की. इसमें मामले को ‘सच, लेकिन आरोपी का पता नहीं चल सका’ की श्रेणी में रखा गया. इस श्रेणी का इस्तेमाल तब किया जाता है जब पुलिस अपराध को वास्तविक मानती है, लेकिन आरोपी की पहचान या उसके खिलाफ अभियोजन के लिए पर्याप्त सबूत नहीं मिल पाते. पीड़िता ने क्लोजर रिपोर्ट का विरोध करते हुए कहा है कि जांच के कई महत्वपूर्ण चरण अभी पूरे नहीं हुए हैं.

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