मुंबई मार्च के दौरान मुझे गोली मारने की रची जा रही साजिश, मनोज जरांगे पाटील ने लगाए गंभीर आरोप
मुंबई: मराठा आरक्षण की मांग को लेकर अनशन पर बैठे मनोज जरांगे पाटील ने आरोप लगाया है कि मुंबई मार्च के दौरान उन्हें जान से मारने और मार्च के दौरान परेशानी पैदा करने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने रविवार को कहा कि मैं मौत स्वीकार कर लूंगा, लेकिन झुकूंगा नहीं। वहीं मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटील ने जरांगे से मुंबई में आंदोलन का निर्णय वापस लेने का अनुरोध किया है। जालना जिले के अंतरवाली सराटी गांव में अनशन के 16वें दिन रविवार को समर्थकों को संबोधित किया। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को निशाना बनाते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता में बैठे लोग उनके खिलाफ साजिश रच रहे हैं।
मराठा नेता मनोज जरांगे पाटील ने रविवार को कहा कि प्रस्तावित मुंबई मार्च से पहले सरकार के पास इस मुद्दे का समाधान करने के लिए अभी आठ दिन का समय है। इस दौरान देखना होगा कि सरकार उनकी मांगों को मानती है। नहीं जरांगे ने दावा किया कि सत्तारूढ़ दलों से जुड़े लोगों को मार्च में भेजकर मुंबई मार्च के दौरान अव्यवस्था पैदा की जा सकती है और उन्हें निशाना बनाया जा सकता है। जरांगे ने चेतावनी दी कि उनके समर्थक कुछ मंत्रियों को राजनीतिक रूप से चुनौती दे सकते हैं।
मार्च के दौरान मुझे गोली मारने की साजिश-जरांगे
जरांगे ने रविवार को दावा किया कि बीजेपी और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के कुछ मराठा विधायक उनके समर्थकों को फोन कर उनसे मार्च में शामिल नहीं होने के लिए कह रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मार्च के दौरान मुझे गोली मारने की साजिश है। वे मराठों को नहीं मारना चाहते, बल्कि मुझे निशाना बनाना चाहते हैं।' लेकिन मैं झुकूंगा नहीं। उन्होंने समर्थकों से कहा कि अगर वे डरे हुए हैं तो मार्च में शामिल न हों। हालांकि, उन्होंने भावनात्मक अपील करते हुए कहा कि उन्हें मुंबई मार्च में शामिल होना चाहिए और जरूरत पड़ने पर उनकी अंतिम यात्रा में भी शामिल होना चाहिए।
जरांगे से मुंबई जाने का अपना फैसला वापस लेने की अपील
वहीं मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटील ने मनोज जरांगे से मुंबई जाने का अपना फैसला वापस लेने की अपील की है। पाटील ने कहा कि हमने हमेशा जरांगे पाटील की भावनाओं का सम्मान किया है। हमने समय-समय पर इस पर चर्चा भी की। मैं उनसे रिक्वेस्ट करता हूं कि वे मुंबई आने के बजाय अभी आंदोलन रोक दें। मनोज जरांगे ने मराठा समाज के लिए जो काम किया है, सरकार उसका सम्मान करती है। अगर अब भी कोई मौका मिला तो हम उस पर जरूर विचार करेंगे।