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नई दिल्ली: महेंद्र सिंह धोनी ने अपने करियर में न सिर्फ अपने प्रदर्शन से, बल्कि अच्छे बर्ताव से भी हर किसी का दिल जीता है. यहां तक कि टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली भी उनके मुरीद रहे हैं. गांगुली ने धोनी के करियर को संवारने में काफी मदद की थी. बतौर विकेटकीपर-बल्लेबाज गांगुली ने ही धोनी को सबसे पहले आजमाया था. उन्हें पहले मध्य क्रम में बैटिंग दी जाती थी. फिर पाकिस्तान के खिलाफ दादा ने माही को नंबर-3 पर भेजा, फिर धोनी दोबारा पीछे मुड़कर नहीं देखा.
एक वक्त ऐसा आया जब गांगुली को ही टीम से बाहर कर दिया गया और कप्तानी भी छीन ली गई. लेकिन दादा ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में दोबारा वापसी की. मौजूदा बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली ने हाल में मयंक अग्रवाल के साथ वीडियो चैट किया. इस दौरान उन्होंने धोनी की कप्तानी में खेले गए अपने आखिरी टेस्ट मैच को याद किया, जो उन्होंने नागपुर में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला था.
उस आखिरी टेस्ट में धोनी के फैसले पर वो हैरान रह गए. मैच के आखिरी पलों में धोनी ने सौरव गांगुली से टीम इंडिया की कप्तानी करने को कहा. धोनी चाहते थे कि गांगुली को इस खास अंदाज में विदाई दी जाए. धोनी के इस व्यवहार को याद करते हुए गांगुली ने कहा 'मेरा आखिरी टेस्ट नागपुर में था. ये आखिरी दिन का आखिरी सेशन था. मैं विदर्भ स्टेडियम से मैदान की तरफ नीचे उतर रहा था. सभी खिलाड़ी मेरे आसपास खड़े थे और मैं मैदान में आ रहा था.'
उस मैच में कुछ ही ओवर बचे थे कि धोनी ने कप्तानी गांगुली को सौंपने का फैसला किया. गांगुली ने कहा, 'ये मेरे लिए हैरानी भरा था. मैंने ऐसी उम्मीद नहीं की थी. लेकिन एमएस धोनी एमएस धोनी ही हैं. वो हमेशा अपनी कप्तानी की ही तरह हैरानियों भरे हैं. हम टेस्ट मैच जीतने वाले थे और मेरे दिमाग में रिटायरमेंट की बात चल रही था. मैं नहीं जानता कि उन 3-4 ओवर में मैंने क्या किया था.'



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