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रूस राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन जो बाइडेन को चुनाव जिताना चाहता है। अमेरिका के एक खुफिया अधिकारी ने इसका खुलासा किया है। देश में नवंबर में राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव होने वाला है। रूस डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार जो बाइडेन को बदनाम करने की कोशिश कर रहा है। वहीं, क्रेमलिन से जुड़े लोग राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को पुन: चुनाव जीतते देखना चाहते हैं।

अमेरिकी अधिकारी ने यह भी कहा कि चीन ट्रंप को दोबारा राष्ट्रपति बनते देखना नहीं चाहता है। वह अमेरिका में लोक नीति को आकार देने एवं चीन के हितों की विरोधी राजनीतिक हस्तियों पर दबाव बनाने के अपने प्रयास तेज कर रहा है। देश के खुफिया कार्यक्रम की रक्षा करने वाले एनसीएससी के प्रमुख विलियम इवानिना ने शुक्रवार (7 अगस्त) को रूस के संबंध में यह बयान दिया।

ऐसा माना जा रहा है कि ट्रंप को पुन: राष्ट्रपति चुने जाने के रूस के प्रयासों संबंधी अमेरिकी खुफिया समुदाय की यह सबसे स्पष्ट घोषणा है। ट्रंप के लिए यह एक संवेदनशील विषय है और उन्होंने खुफिया एजेंसी के इस आकलन को खारिज किया है कि रूस ने 2016 के चुनाव में उनकी मदद की कोशिश की थी।

रूस पर ज्यादा सख्ती

खुफिया अधिकारी के इस बयान के बारे में पूछे जाने पर ट्रंप ने शुक्रवार (7 अगस्त) शाम कहा कि मुझे लगता है कि रूस राष्ट्रपति पद पर जिस आखिरी व्यक्ति को देखना चाहेगा। वह डोनाल्ड ट्रंप होगा, क्योंकि रूस के खिलाफ मुझसे ज्यादा किसी ने सख्ती नहीं बरती। हालांकि वह इस बात पर सहमत होते दिखे कि चीन उन्हें दोबारा राष्ट्रपति बनते नहीं देखना चाहता है। यदि जो बाइडेन राष्ट्रपति होते, तो चीन हमारे देश को चलाता।

इवानिना के बयान से पहले प्रतिनिधि सभा की अध्यक्ष नैन्सी पेलोसी और डेमोक्रेटिक पार्टी के अन्य सांसदों ने इस बात को लेकर आलोचना की थी। खुफिया समुदाय अमेरिकी राजनीति में विदेशी हस्तक्षेप के खतरे संबंधी विशेष खुफिया जानकारी लोगों से छिपा रहा है। इवानिना ने कहा कि हम मुख्य रूप से चीन, रूस और ईरान की ओर से जारी और संभावित गतिविधियों से चिंतित हैं। उन्होंने कहा कि उनके प्रयासों के बावजूद, अधिकारियों को इस बात की संभावना नहीं लगती कि चुनाव परिणाम पर कोई भी देश खास फर्क डाल सकता है।


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