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वॉशिंगटन : भारतीय मूल के अमेरिकियों ने प्रवासी भारतीय नागरिक (ओसीआई) कार्ड धारकों को मिलने वाले लाभों को बहाल करने के भारत के फैसले का स्वागत किया है। इनमें बिना वीजा के देश की यात्रा भी शामिल है जिसपर कोरोना वायरस वैश्विक महामारी के मद्देनजर रोक लगा दी गई थी। भारतीय मूल के लोगों को निश्चित शर्तों के साथ जीवनपर्यंत भारत की वीजा मुक्त यात्रा की अनुमति देने वाले ओसीआई कार्ड पर भारत सरकार ने राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन और कोविड-19 प्रकोप के चलते लागू यात्रा प्रतिबंधों के बीच 11 अप्रैल को रोक लगा दी थी। 

अचानक लिए गए इस फैसले से भारतीय मूल के लाखों लोगों में चिंता बढ़ गई थी। इनमें से कई ने अपना गुस्सा जाहिर करने के लिए ट्विटर जैसे सोशल मीडिया मंचों का सहारा लिया था। बाद में ओसीआई कार्ड धारकों के लिए यात्रा प्रतिबंधों में कुछ छूट दी गई लेकिन ऐसा अब तक उन्हीं मामलों में हुआ है जो आपात श्रेणी में आते हों, जो काम के सिलसिले में यात्रा करना चाहते थे या नाबालिग ओसीआई कार्ड धारक थे जिनके परिजन भारतीय नागरिक हैं। 

गृह मंत्रालय ने शुक्रवार को, ओसीआई कार्ड धारकों के लिए अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी और फ्रांस का पासपोर्ट रखने के लिए पूर्ण यात्रा सुविधाओं को बहाल करने के लिए अधिसूचना जारी की। भारत ने इन सभी देशों के साथ द्विपक्षीय हवाई यात्रा समझौता किया है। सामाजिक कार्यकर्ता प्रेम भंडारी ने कहा, 'हम अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी और फ्रांस से ओसीआई कार्ड धारकों पर भारत सरकार के फैसले का स्वागत करते हैं। यह लंबे समय से अटका हुआ था। यह फैसला और इन देशों के साथ हुआ हवाई यात्रा समझौता भारतीय मूल के हजारों लोगों को बेवजह होने वाली परेशानी से निजात दिलाएगा।' 

पिछले कई वर्षों से ओसीआई कार्ड धारकों का मुद्दा उठा रहे भंडारी ने कहा कि अचानक से ओसीआई कार्ड धारकों पर प्रतिबंध लगाना, भले ही यह वैश्विक महामारी के दौर में किया गया हो लेकिन इससे भारतीय मूल के हजारों लोगों को परेशानी हुई। उन्होंने कहा, “अगर हम इस तरह के संकट के दौरान भारत में शरण नहीं लेंगे, तो और कौन हमारी मदद करेगा?” जयपुर फुट यूएसए के प्रमुख, भंडारी यात्रा प्रतिबंध हटाने के लिए भारतीय-अमेरिकी ओसीआई कार्ड धारकों की ओर से किए जा रहे प्रयासों की अगुवाई कर रहे हैं।


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