मेट्रो पर सफर अब पहले सा आसान नहीं, नियम तोड़े तो भरना होगा इतना फाइन
मार्च में जब से पूरे देश में Lockdown की घोषणा कई तभी से मेट्रो सेवा रोक दी गई थी। दिल्ली मेट्रो में हर रोज लाखों लोग सफर करते थे लेकिन अब ऐसा नहीं हो पाएगा। अनलॉक-4 में दिल्ली मेट्रो चलने की संभावना है। सितंबर के पहले सप्ताह के बाद से मेट्रो चलने की संभावना बताई जा रही है।
दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) द्वारा गुरुवार को बुलाई गई बैठक में मेट्रो के लिए नए प्रोटोकॉल (जब सेवा बहाल होगी तब) के बारे में निर्णय लिया गया और इसमें सीआईएसएफ और दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। सूत्रों के मुताबिक यह निर्णय लिया गया कि अगर मेट्रो सेवा शुरू होती है तो भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद द्वारा निर्धारित सभी दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, 'मेट्रो या मेट्रो परिसर में जो भी यात्री थूकता या गंदगी करता हुआ पकड़ा जाएगा, उस पर जुर्माना लगाया जाएगा। जो लोग मास्क पहनने जैसे नियमों का पालन नहीं करेंगे, जो सोशल डिस्टेंसिंग के उद्देश्य से खाली छोड़ी गई सीट पर जानबूझकर बैठ मानदंडों का उल्लंघन करते पाए जाएंगे, उन पर भी भारी जुर्माना लगाया जाएगा।'
दिल्ली मेट्रो में हर रोज लगभग 27 लाख लोग यात्रा करते हैं। अब इतने लोग अचानक से सड़कों पर निकलेंगे तो जाम की समस्या तो बनेगी ही। मेट्रो की वजह से सड़कों पर काफी हद तक कम ट्रैफिक हो पाता था और लोग भी कम समय में अपने गंतव्य को पहुंच जाते थे। लेकिन अब हर दिन ट्रैफिक जाम हो रहा है।
मेट्रो का यह सफर अब पहले की तुलना में काफी अलग हो सकता है। बिना फेस मास्क के सफर करना, सोशल डिस्टेंसिंग के उद्देश्य से खाली छोड़ी गई सीट पर बैठना, थूकना और गंदगी फैलाना अब यात्रियों को बहुत ही ज्यादा महंगा पड़ सकता है। दिल्ली मेट्रो के शुरू होते ही इन नियमों के उल्लंघन पर भारी जुर्माना लगाए जाने के प्रावधान हो सकते हैं।
दिल्ली मेट्रो के 671 गेट है जिसमें से सिर्फ 257 ही खुलेंगे। इसके अलावा दिल्ली मेट्रो के कर्मियों और यात्रियों को फेस मास्क लगाना अनिवार्य होगा। वहीं, मेट्रो स्टेशन की लिफ्ट में एक समय में अधिकतम 3 यात्री ही रहेंगे। संचालन शुरू होने के बाद संदिग्ध को मेट्रो स्टेशन में प्रवेश नहीं मिलेगा। यात्रा से पहले मेट्रो स्टेशन पर सभी लोगों को थर्मल स्कैनिंग की प्रक्रिया से होकर गुजरना होगा। इस दौरान अगर किसी शख्स को बुखार होगा या फिर कोरोना वायरस संक्रमण के लक्षण दिखाई देता है तो उसे चिकित्सकों के पास या होम क्वारंटाइन के लिए कहा जाएगा।