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पटना : बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री मेवालाल चौधरी ने इस्तीफा दे दिया है। गुरुवार को ही 12.00 बजे उन्होंने पदभार ग्रहण किया था। उनपर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। शपथ लेने से एक दिन पहले मेवालाल ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की थी। इसके बाद उन्होंने सबकुछ ठीक होने की बात कही थी। आज पदभार संभालने के बाद वे दोबारा सीएम नीतीश कुमार से मिले थे और इसके बाद दोपहर इस्तीफा दे दिया। बताते चलें कि मेवालाल चौधरी बिहार सरकार के तीसरे ऐसे मंत्री हैं जिन्होंने भ्रष्टाचार के आरोप में काम करने के तुरंत बाद इस्तीफा दिया है। इसके पहले जीतन राम मांझी और परिवहन मंत्री के रूप में कामकाज संभाले आरएन सिंह ने पदभार ग्रहण करने के बाद इस्तीफा दे दिया था।
बिहार कृषि विवि में भ्रष्टाचार के आरोप
सन 2012 में सबौर कृषि विश्वविद्यालय में 161 सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति में फर्जीवाड़ा सामने आया था। योग्य अभ्यर्थियों को नजरअंदाज कर अयोग्य की भर्ती कर ली गई थी। भर्ती प्रक्रिया में धांधली का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (नेट) पास किए बिना भी नौकरी दे दी गई।  जिस समय यह धांधली हुई थी उस समय मेवालाल विश्वविद्यालय के कुलपति थे। नियुक्ति में पात्रता और प्रावधानों की अवहेलना की गई। आरोप यह भी है कि जिनका एकेडमिक रिकॉर्ड बेहतर था, उन्हें साक्षात्कार के लिए आवंटित 10-10 अंकों में कम नंबर देकर छांट दिया गया और कमजोर अभ्यर्थियो को पूरा मार्क्स देकर अवैध तरीके से नियुक्त कर लिया गया।इस धांधली के खिलाफ के अभ्यर्थियों ने सूचना के अधिकार के तहत मेधा सूची निकाली तो पर्दाफाश हुआ। पीएम तक से शिकायत की गई, जिसके बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्कालीन राज्यपाल रामनाथ कोविंद से रिपोर्ट मांगी गई। राज्यपाल ने एक्शन लिया तो जांच आगे बढ़ी।

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