दक्षिण मुंबई में मुहर्रम पर ताजिया जुलूस निकालने की हाई कोर्ट ने दी सशर्त अनुमति
मुंबई: बॉम्बे हाईकोर्ट ने दक्षिण मुंबई में मुहर्रम पर ताजिया
जुलूस निकालने की सशर्त अनुमति दे दी है. हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा
कि, शुक्रवार को चार बजे से लेकर शाम के सात बजे तक ये जुलूस निकाला जा
सकता है. दक्षिण मुंबई के एक धार्मिक संगठन, ऑल इंडिया इदारा
तहफ़्फुज-ए-हुसैनियत ने मुहर्रम पर ताजिया जुलूस निकालने की अनुमति को लेकर
हाईकोर्ट में याचिका दी थी.
जस्टिस केके तातेड़ और जस्टिस पीके चव्हाण
की पीठ ने इस याचिका के जवाब में ये आदेश दिया है. कोर्ट ने अपने आदेश में
कहा, इस जुलूस में सात ट्रकों का इस्तेमाल किया जा सकता है. हर ट्रक में
फोटोग्राफर और वीडियोग्राफर को मिलाकर केवल 15 लोग बैठ सकते हैं. साथ ही
कोर्ट ने कहा कि, इन सात ट्रकों में लोगों की कुल संख्या 100 से ज्यादा
नहीं होनी चाहिए. साथ ही ताजिए की ऊंचाई 6 फीट से ज्यादा नहीं होनी चाहिए.
जबकि हर एक ट्रक में अलम की ऊंचाई 10 फीट से ज्यादा नहीं होनी चाहिए. जुलूस
के दौरान किसी भी तरह का संगीत बजाने के लिए किसी म्यूज़िक बैंड को इसके
साथ चलने की इजाजत नहीं होगी.
ऑल इंडिया इदारा तहफ़्फुज-ए-हुसैनियत ने
मुहर्रम पर ताजिया जुलूस निकालने की अनुमति को लेकर हाईकोर्ट में याचिका
दी थी. याचिका में भिंडी बाजार से मजगांव स्थित कब्रिस्तान तक ट्रक में
ताजिया जुलूस निकालने की अनुमति मांगी गई थी.
हाई कोर्ट ने कहा कि, जो
भी लोग इस जुलूस में शामिल होंगे उन सभी को कोविड वैक्सीन की दोनों डोज लगी
होनी चाहिए. साथ ही इन सभी को वैक्सीन की दूसरी डोज लगाए 14 दिन से अधिक
का वक्त हो चुका हो. साथ ही कोर्ट ने मजगांव स्थित कब्रिस्तान में जुलूस
में शामिल 100 लोगों में से केवल 25 को ही प्रवेश की अनुमति दी है. साथ ही
जुलूस के दौरान लोगों को ट्रकों के पीछे सड़क पर ना चलने की सख्त हिदायत दी
है.
कोर्ट ने आदेश दिया कि, जुलूस में जो भी लोग शामिल होंगे उनकी
पूरी जानकारी सम्बंधित क्षेत्र के पुलिस उपयुक्त को 19 अगस्त की दोपहर तक
देनी होगी.