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   मुंबई में एक अक्टूबर से टैक्सी (Taxi Fare) का किराया तीन रुपये और ऑटोरिक्शा का किराया दो रुपये बढ़ जाएगा। यानी मुंबई (Mumbai) और मेट्रोपोलिटन क्षेत्र के लोगों को अब काली-पीली टैक्सी से सफर करने पर न्यूनतम किराया 28 रुपये और ऑटोरिक्शा (Auto Rikshaw) से यात्रा पर न्यूनतम किराया 23 रुपये देना होगा। सरकार के अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। मुंबई महानगर क्षेत्र परिवहन प्राधिकरण (एमएमआरटीए) ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करके कहा कि नया किराया एक अक्टूबर से लागू होगा। डेढ़ किलोमीटर दूरी के लिए काली-पीली टैक्सी का न्यूनतम किराया अब 25 रुपये की जगह 28 रुपये होगा, जबकि इतनी ही दूरी के लिए ऑटोरिक्शा का किराया 21 रुपये की जगह अब 23 रुपये होगा।

न्यूनतम डेढ़ किलोमीटर से अधिक दूरी की यात्रा पर यात्रियों को काली-पीली टैक्सी से सफर पर प्रति किलोमीटर 16.93 रुपये की जगह 18.66 रुपये किराया देना होगा। जबकि ऑटोरिक्शा से सफर करने पर प्रति किलोमीटर 14.20 रुपये की जगह 15.33 रुपये किराया देना होगा।महाराष्ट्र परिवहन सचिव की अध्यक्षता में सोमवार को हुई एमएमआरटीए की बैठक में यह फैसला लिया गया, लेकिन इसका ऐलान इसके ब्योरे पर हस्ताक्षर के बाद किया गया। मुंबई महानगर क्षेत्र में 60 हजार टैक्सी और करीब 4.6 लाख ऑटोरिक्शा अभी तक एक मार्च, 2021 को निर्धारित दर के अनुसार किराया ले रहे थे। ब्लू-सिल्वर ‘कूल’ कैब टैक्सी का न्यूनतम दूरी के लिए किराया प्रति किलोमीटर 30 रुपये से बढ़ाकर 40 रुपये कर दिया गया है और इसके बाद प्रति किलोमीटर 26.71 रुपये की दर से किराया देना होगा। एमएमआरटीए ने किराया मीटर को फिर से नई दर के अनुरूप समायोजित करने के लिए एक अक्टूबर से 30 नवंबर तक का समय दिया है। लेकिन मुंबई की यूनियनों के कुछ नेताओं ने कहा जिनका नाम है बाबा कामबड़े (महाराष्ट्र रिक्शा पंचायत के अध्यक्ष और ऑल इंडिया  रिक्शा टैक्सी फेडरेशन के अध्यक्ष) (महाराष्ट्र रिक्शा पंचायत के कार्यकारी अध्यक्ष जावेद देउलकर और मुंबई ऑटो रिक्शा टैक्सी ट्रांसपोर्ट यूनियन के अध्यक्ष) विजय देसाई महाराष्ट्र रिक्शा पंचायत के मुंबई के अध्यक्ष और साजिद सैयद महाराष्ट्र दीक्षा पंचायत मुंबई के कार्यकारी अध्यक्ष की अध्यक्षता में प्रेस कॉन्फ्रेंस ली गई जो मराठी पत्रकार संघ में हुई

इन लीडरों का कहना था कि मुंबई के रिक्शा ड्राइवर और टैक्सी ड्राइवर भाड़ा बढ़ोतरी नहीं चाहते हैं यह चाहते हैं कि जनता को किसी भी तरह की परेशानी ना हो और सरकार भाड़ा बढ़ोतरी करने के बजाय सीएनजी के भाव को कम किया जाए और जो हकीम समिति और खटला कमेटी के अनुसार भाड़े में बढ़ोतरी कम से कम ₹5 होनी चाहिए और यह अमाउंट होता है ₹25 लेकिन इसे भी मंजूर नहीं किया गया गरीब रिक्शा वालों की इसकी बड़ी तकलीफ है और वह नहीं चाहते हैं कि भाड़ा बढ़ोतरी हो और आज आज जो मुंबई के हालात है लोगों को नौकरी नहीं है महंगाई बहुत बढ़ते जा रही है इसके हिसाब से अगर भाड़ा बढ़ोतरी की गई तो जनता परेशान हो जाएगी वह चाहते हैं कि भाड़ा बढ़ोतरी ना होते हुए गैस के भाव कम किया जाए ताकि लोगों को परेशानी भी ना हो और उनका भी जो धंधा है वह सही तरीके से चले

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