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मुंबई : मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा पेश किए गए विधेयक को विधान मंडल के दोनों सदनों में पारित कर दिया गया है। महिलाओं की सुरक्षा के लिए कानून में बड़े बदलाव किए गए हैं। खास तौर पर, एसिड अटैक पीड़ितों की पहचान बताने वालों और ऑनलाइन सेक्सुअल हैरेसमेंट करने वालों के लिए सख्त कार्रवाई का प्रावधान किया गया है। राज्य में महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों को रोकने के लिए सरकार ने इंडियन पीनल कोड में बदलाव करके सख्त कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री फडणवीस द्वारा पेश किया गया विधेयक पास हो गया है, और सेक्शन 72 और 75 में बड़े बदलाव किए गए हैं। बदले हुए सेक्शन 72 के अनुसार, अब एसिड अटैक पीड़ितों की पहचान बताने वालों के खिलाफ सीधी कार्रवाई की जाएगी। पहले यह नियम सिर्फ कुछ खास सेक्सुअल क्राइम में ही लागू होता था। हालांकि, अब एसिड अटैक जैसे गंभीर क्राइम के पीड़ितों की प्राइवेसी की रक्षा के लिए इस नियम को और कड़ा कर दिया गया है। 

सेक्शन 75 के तहत ऑनलाइन चैनलों के ज़रिए होने वाले सेक्सुअल हैरेसमेंट पर भी कड़ी नज़र रखी जाएगी। ई-मेल, सोशल मीडिया या दूसरे डिजिटल प्लेटफार्म के ज़रिए सेक्सुअल हैरेसमेंट भेजने, या ऐसा करने की धमकी देने जैसे कामों को साफ़ तौर पर जुर्म बताया गया है। ये बदलाव महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा को मज़बूत कानूनी सुरक्षा देंगे और इसे डिजिटल जमाने में नए तरह के जुर्मों पर असरदार नियंत्रण लाने की सरकार की कोशिश माना जा रहा है।

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