विजय वडेट्टीवार ने खरड़ मामले में केंद्र पर ‘लुटेरों का गिरोह’ होने का आरोप लगाया
नागपुर : महाराष्ट्र सरकार अब आम आदमी को न्याय दिलाने का सेंटर नहीं रही, बल्कि लुटेरों के गैंग का सेंटर बन गई है, यह बात विधानसभा में विपक्ष के नेता विजय वडेट्टीवार ने कही। उन्होंने राज्य सरकार पर कड़े शब्दों में हमला बोला है। नागपुर में रिपोर्टरों से बात करते हुए उन्होंने मंत्रालय में भ्रष्टाचार से लेकर खराट मामले तक कई मुद्दों पर चौंकाने वाले खुलासे किए। 'खराट' महाराष्ट्र पर लगा कलंक है सुषमा अंधारे के बताए सबूतों का ज़िक्र करते हुए वडेट्टीवार ने कहा, "खराट महाराष्ट्र पर एक दाग है। हो सकता है कि काले धन को सफेद करने वाले इस व्यक्ति का नाम कोड में लिखा हो। यह साफ है कि इस मामले में वीडियो ने अंधविश्वास को हवा दी है। सिर्फ चाकणकर के खिलाफ कार्रवाई करना काफी नहीं होगा, बल्कि इस मामले में सभी 'बड़ी मछलियों' के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।" उन्होंने यह भी कहा कि अगर कानून बनाने वाले ही कानून तोड़ रहे हैं, तो यह राज्य के लिए शर्म की बात है।
क्या मंत्रालय में कमीशन लेने का मार्केट है?
वडेट्टीवार ने राज्य में चल रही सरकारी प्रस्तावों की बाढ़ पर सवाल उठाए। मेरी जानकारी के मुताबिक, अब तक एक हज़ार से ज़्यादा जीआर जारी किए जा चुके हैं। उन्होंने गंभीर आरोप लगाया कि मंत्रालय के सभी विभागों में सिर्फ़ पैसे बांटे जा रहे हैं और हर बिल पर 10 से 20 परसेंट कमीशन लिया जा रहा है। 1500 करोड़ रुपये के काले धन और 'सीए ' जांच की मांग खरात मामले में पैसे के सोर्स पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि आज 1500 से 2000 करोड़ रुपये का आंकड़ा सामने आ रहा है, यह पैसा कहां से आया? मुझे शक है कि मंत्रालय में आधे लोगों ने अपने काले धन को सफ़ेद करने के लिए खरात का इस्तेमाल किया होगा। इसलिए सिर्फ़ नोटिस जारी करना काफ़ी नहीं होगा, बल्कि इस पूरे मामले की पूरी 'सीए ' जांच होनी चाहिए, तभी सच सामने आएगा।