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नागपुर : एसबीएल एनर्जी ब्लास्ट केस में आरोपी डायरेक्टर आलोक चौधरी और संजय चौधरी की एंटीसिपेटरी बेल एप्लीकेशन और 25 वर्कर्स की मौत के 11 दूसरे आरोपियों की रेगुलर बेल एप्लीकेशन मंगलवार को खारिज कर दी गईं। सेशंस कोर्ट के जज एम. आर. पुरवार ने कई कानूनी पहलुओं पर विचार करने के बाद यह फैसला सुनाया। गिरफ्तार आरोपियों में चंद्रशेखर राजवाड़, विलास मालवे, सुधाकर उपरकर, राजेंद्रकुमार पारधी, पंकज पांडे, रोशन राउत, संदीप सोलंकी, प्रदीप शर्मा, नीलकमल डोंगरे, रवि कामरा और राकेश तिवारी शामिल हैं। फिलहाल, गंभीर रूप से घायल 17 वर्कर्स का हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है। 

SBL एनर्जी कंपनी, जो डेटोनेटर, स्लरी एक्सप्लोसिव, कास्ट बूस्टर वगैरह जैसे एक्सप्लोसिव बनाती है, में 1 मार्च, 2026 को सुबह करीब 7 बजे एक भयानक धमाका हुआ। यह कंपनी राउलगांव शिवरा में चल रही थी। पेट्रोलियम एंड एक्सप्लोसिव्स सेफ्टी ऑर्गनाइजेशन और डिस्ट्रिक्ट इंडस्ट्रीज सेफ्टी एंड हेल्थ ने बताया है कि यह दिल दहला देने वाली घटना कंपनी के नियमों का उल्लंघन करने की वजह से हुई। इस मामले में कलमेश्वर पुलिस ने कुल 32 आरोपियों के खिलाफ बीएनएस धारा 105, 125 (ए) और (बी), 288 के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। जिला सरकारी अभियोजक एडवोकेट नितिन तेलगोटे और अभियोजन के सहायक निदेशक एडवोकेट मैथिली कलवीट ने मामला पेश किया।

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