नागपुर-मुंबई एक्सप्रेसवे पर जालना में भयानक हादसा, ट्रक की टेंपो से टक्कर, 8 महिलाओं की मौत
जालना: महाराष्ट्र के जालना जिले में बुधवार देर शाम बड़ी अनहोनी हो गई। नागपुर-मुंबई एक्सप्रेसवे पर एक ट्रक की टेंपो से टक्कर हो गई। इस हादसे में आठ महिला श्रमिकों की मौत हो गई। यह भीषण दुर्घटना जालना के कडवंची इलाके में हुई। शुरुआती रिपोर्टों से पता चला कि इस हादसे में छह महिला मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि दो अन्य ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया।
ट्रक के नीचे कुचली गईं महिला मजदूर
हमारे सहयोगी महाराष्ट्र टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, नागपुर से मुंबई की ओर तेज गति से जा रहे एक ट्रक ने हाईवे पर काम करके जा रहीं महिला मजदूरों के एक समूह को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कई महिला मजदूर ट्रक के नीचे कुचल गईं और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। दुर्घटना के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी और दहशत फैल गई। दुर्घटना की खबर मिलते ही जालना तालुका पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और पंचनामा और आगे की जांच प्रक्रियाएं शुरू कीं। इसके अलावा स्थानीय लोगों ने भी बड़ी तत्परता दिखाते हुए बचाव कार्य शुरू किए और घायलों को अस्पताल पहुंचाने में मदद की।
एक्सप्रेसवे पर हादसे से उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा के मुद्दे को सुर्खियों में ला दिया है। इस बात को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं कि क्या हाईवे पर काम करने वाले मजदूरों के लिए वास्तव में पर्याप्त सुरक्षा उपाय लागू किए जा रहे हैं। इस बीच दुर्घटना के संबंध में आधिकारिक विवरण जुटाने के लिए प्रशासनिक प्रयास जारी हैं और मृतकों की पहचान करने और मरने वालों की संख्या की पुष्टि करने की प्रक्रिया अभी चल रही है।
घरवालों में मचा कोहराम
पूर्व मंत्री अर्जुन खोतकर ने भी इस घटना पर अपनी संवेदनाएं और दुख व्यक्त किया है। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और दुर्घटना के सटीक कारण का जल्द ही पता चलने की उम्मीद है। दुर्घटना के बाद खबर मिलते ही पीड़ितों के रिश्तेदार अलग-अलग जगहों की ओर भागे। वहीं कुछ अस्पताल गए तो कुछ सीधे दुर्घटनास्थल पर पहुंचे।
दो साल पहले हुई एक ऐसी ही दुर्घटना
संयोग से इसी समृद्धि एक्सप्रेसवे पर ठीक दो साल पहले 29 जून 2024 को भी एक ऐसी ही भयानक दुर्घटना हुई थी। उस घटना में छह लोगों की मौत हो गई थी और तीन अन्य घायल हो गए थे। मृतकों में से तीन मुंबई के मलाड के निवासी थे, जबकि अन्य तीन बुलढाणा जिले के निवासी थे।