पुणे : रेलवे स्टेशन पर वन्यजीव तस्करी का पर्दाफाश... दुर्लभ कछुए-गिलहरी के साथ 2 गिरफ्तार
पुणे : राजस्व खुफिया निदेशालय की मुंबई जोनल यूनिट के पुणे क्षेत्रीय कार्यालय ने वन्यजीवों की अवैध तस्करी के खिलाफ एक बड़ा ऑपरेशन चलाया है. डीआरआई की टीम ने पुणे रेलवे स्टेशन के पास प्रतिबंधित वन्यजीव प्रजातियों की तस्करी करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए दो तस्करों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है. इनके पास से दुर्लभ प्रजाति के वन्यजीव बरामद किए गए हैं.
डीआरआई के अधिकारियों को वन्यजीवों की तस्करी से जुड़ी एक विशेष खुफिया सूचना मिली थी. इसी सूचना के आधार पर टीम ने 20 मई 2026 को पुणे रेलवे स्टेशन के पास कड़ी निगरानी रखी. जैसे ही एक संदिग्ध व्यक्ति वहां पहुंचा, अधिकारियों ने उसे दबोच लिया. जब उसके सामान की तलाशी ली गई, तो उसके पास से दो गत्ते के डिब्बों में छिपाकर रखी गईं तीन जिंदा मालाबार जायंट स्क्विरल बरामद हुईं.
पहले आरोपी से पूछताछ के बाद डीआरआई की टीम ने तुरंत एक्शन लेते हुए पुणे शहर के ही एक अन्य स्थान पर भी छापेमारी की. इस दौरान टीम ने गिरोह के दूसरे आरोपी को भी हिरासत में ले लिया. इस दूसरे तस्कर के कब्जे से टीम ने सात जिंदा इंडियन स्टार टॉरटॉइस बरामद किए.
अधिकारियों ने बताया कि बरामद की गई मालाबार जायंट स्क्विरल और इंडियन स्टार टॉरटॉइस, दोनों ही बेहद दुर्लभ प्रजातियां हैं. इन्हें वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की अनुसूची-1 के तहत विशेष संरक्षण प्राप्त है. कानून के मुताबिक इन जीवों के शिकार, उन्हें बंधक बनाकर रखने (कब्जे), परिवहन और किसी भी तरह के व्यापार पर पूरी तरह से सख्त प्रतिबंध लागू है.
शुरुआती कार्रवाई और पूछताछ के बाद, डीआरआई ने बरामद किए गए सभी जिंदा वन्यजीवों, गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों और तस्करी में इस्तेमाल की गई पैकिंग सामग्री को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए पुणे वन विभाग के हवाले कर दिया है. डीआरआई ने स्पष्ट किया है कि पर्यावरण संरक्षण और बेजुबान वन्यजीवों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, अंतरराष्ट्रीय और स्थानीय स्तर पर काम कर रहे ऐसे तस्करी व शिकारी गिरोहों के खिलाफ खुफिया आधारित सख्त कार्रवाई भविष्य में भी लगातार जारी रहेगी.