मुंबई : मानसून से पहले मुंबई में नालों की सफाई तेज
मुंबई : मानसून के आगमन की तैयारियों के बीच बृहन्मुंबई महानगरपालिका ने शहर के ड्रेनेज सिस्टम को दुरुस्त करने की दिशा में काम तेज कर दिया है। 31 मई की निर्धारित समय सीमा से पहले बड़े और छोटे नालों से गाद निकालने का कार्य पूरा करने के लिए प्रशासन ने अपनी गति बढ़ा दी है। BMC के अनुसार, 13 मई तक शहर के बड़े नालों से गाद निकालने का काम लगभग 64.42 प्रतिशत पूरा किया जा चुका है। यह कार्य मानसून के दौरान होने वाली संभावित जलभराव और बाढ़ की स्थिति को कम करने के उद्देश्य से किया जा रहा है।
नगर प्रशासन का कहना है कि नालों की समय पर और प्रभावी सफाई से शहर के निचले इलाकों में पानी भरने की समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। हर साल मानसून के दौरान मुंबई में भारी बारिश के कारण कई क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बन जाती है, जिससे यातायात और जनजीवन प्रभावित होता है। इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए BMC ने इस बार नालों की सफाई कार्य को प्राथमिकता दी है। इसके लिए शहर के संवेदनशील और जलभराव संभावित क्षेत्रों में अतिरिक्त मशीनरी और श्रमिकों की तैनाती की गई है। अधिकारियों का कहना है कि जहां आवश्यकता महसूस हो रही है, वहां संसाधनों को तुरंत बढ़ाया जा रहा है ताकि कार्य समय पर पूरा हो सके।
नगर निगम के अनुसार, छोटे नालों की सफाई भी समान रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि कई बार इन्हीं की वजह से स्थानीय स्तर पर पानी का जमाव बढ़ जाता है। इसलिए बड़े और छोटे दोनों प्रकार के नालों की सफाई एक साथ की जा रही है। BMC अधिकारियों ने कहा कि मानसून से पहले सभी आवश्यक कार्यों को पूरा करना उनकी प्राथमिकता है, ताकि बारिश के दौरान शहर में सामान्य जनजीवन प्रभावित न हो। इसके लिए नियमित निगरानी की जा रही है और प्रगति की समीक्षा भी की जा रही है। नगर प्रशासन को उम्मीद है कि तय समय सीमा के भीतर नालों की सफाई का काम पूरा कर लिया जाएगा, जिससे मुंबई में मानसून के दौरान जलभराव की समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकेगा।