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मुंबई : घाटकोपर ईस्ट इलाके से एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां राजावाड़ी अस्पताल के बाथरूम में एक नवजात शिशु लावारिस हालत में मिला। इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। यह मामला तब सामने आया जब साकीनाका निवासी श्रीराम पटेल अस्पताल में अपने रिश्तेदार से मिलने पहुंचे थे। इसी दौरान उन्हें वार्ड नंबर 40 के पास स्थित वॉशरूम से बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। आवाज सुनकर वे तुरंत बाथरूम की ओर गए, जहां उन्होंने देखा कि एक नवजात बच्चा स्टॉल के अंदर पड़ा हुआ था।

राजवाड़ी अस्पताल में हुई इस घटना के बाद श्रीराम पटेल ने तुरंत अस्पताल स्टाफ को सूचना दी। सूचना मिलते ही अस्पताल प्रशासन हरकत में आया और एक नर्स ने बच्चे को सुरक्षित अपनी कस्टडी में ले लिया। घाटकोपर ईस्ट स्थित इस अस्पताल में हुई इस घटना के बाद तिलक नगर पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने इस मामले में अज्ञात माता-पिता के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। अधिकारियों के अनुसार, नवजात को खुले में छोड़ने की यह घटना गंभीर अपराध की श्रेणी में आती है।

तिलक नगर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 93 के तहत केस दर्ज किया है। यह धारा 12 वर्ष से कम उम्र के बच्चे को माता-पिता या कानूनी अभिभावक द्वारा खुले में छोड़ने या लापरवाही से त्यागने के अपराध से संबंधित है। तिलक नगर पुलिस स्टेशन मुंबई के अधिकारियों का कहना है कि बच्चे के माता-पिता की पहचान करने के लिए अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज और अन्य रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि बच्चा अस्पताल में कैसे और किसके द्वारा छोड़ा गया।

घटना के बाद अस्पताल प्रशासन ने भी सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली को और मजबूत करने की बात कही है। वहीं स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर चिंता और संवेदना दोनों देखी जा रही है। फिलहाल नवजात को अस्पताल में निगरानी में रखा गया है और उसकी स्वास्थ्य स्थिति पर डॉक्टरों की टीम नजर बनाए हुए है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच तेजी से की जा रही है और जल्द ही आरोपी तक पहुंचने की उम्मीद है। यह घटना एक बार फिर नवजात शिशुओं की सुरक्षा और सामाजिक जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

 

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