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मुंबई: प्रकृति प्रेमियों और वन्यजीवन फोटोग्राफर्स के लिए एक अहम अपडेट आया है। महाराष्ट्र के ताडोबा-अंधारी टाइगर रिज़र्व का कोर एरिया जुलाई से सितंबर तक आम विज़िटर्स के लिए बंद रहेगा। यह निर्णय रिज़र्व के सालाना मॉनसून क्लोजर का हिस्सा है, जिसे बारिश के मौसम में वन्यजीवन संरक्षण और आगंतुकों की सुरक्षा के लिए ज़रूरी माना गया है। फॉरेस्ट विभाग के अधिकारियों ने बताया कि 30 जून से 30 सितंबर तक रिज़र्व के कोर एरिया में विज़िटर्स का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। हालांकि, रिज़र्व का बफ़र टूरिज़्म एरिया सामान्य रूप से खुला रहेगा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह बंदी मौसम की परिस्थितियों और समय-समय पर जारी किए जाने वाले प्रशासनिक निर्देशों पर भी निर्भर करेगी।

चीफ़ कंज़र्वेटर ऑफ़ फ़ॉरेस्ट और फ़ील्ड डायरेक्टर पी एन शुक्ला ने बताया कि मॉनसून के दौरान कोर एरिया बंद करना पर्यावरण और वन्यजीवन संरक्षण के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है। बारिश के समय में क्षेत्र में भारी गीली मिट्टी और बढ़ते जलस्तर की वजह से न केवल आगंतुकों की सुरक्षा खतरे में पड़ती है, बल्कि वाइल्डलाइफ़ पर भी असर पड़ता है। शुक्ला ने कहा, "मॉनसून के दौरान कोर एरिया बंद रखने से बाघ और अन्य वन्यजीव प्राकृतिक गतिविधियों में बाधा-मुक्त रहेंगे। यह समय उनके लिए प्रजनन और शिकार का भी महत्वपूर्ण अवधि है।" उन्होंने यह भी जोड़ा कि प्रशासन ने बफ़र टूरिज़्म गेट को खुला रखने का फैसला इसलिए किया है ताकि विज़िटर्स सीमित और सुरक्षित तरीके से रिज़र्व का अनुभव कर सकें।

ताडोबा-अंधारी टाइगर रिज़र्व महाराष्ट्र का प्रमुख वन्यजीवन पर्यटन स्थल है, जिसे देश और विदेश के पर्यटक बाघ देखने और जंगल सफारी का आनंद लेने के लिए आते हैं। रिज़र्व में बाघों के अलावा तेंदुआ, भालू, गौर, चीतल और विभिन्न प्रकार के पक्षी भी पाए जाते हैं। फॉरेस्ट अधिकारियों ने पर्यटकों से अपील की है कि वे मॉनसून क्लोजर का सम्मान करें और कोर एरिया में प्रवेश करने की कोशिश न करें। अधिकारियों ने कहा कि गैरकानूनी प्रवेश करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

इससे पहले, वर्षा पूर्व और मॉनसून के बाद रिज़र्व में पर्यटकों की संख्या बढ़ जाती है, क्योंकि बारिश के मौसम में जंगल हरियाली और जलस्तर में वृद्धि के कारण और भी आकर्षक दिखाई देता है। इसलिए ताडोबा-अंधारी रिज़र्व की इस अवधि में बंदी का पालन करना आवश्यक है। अधिकारियों ने यह भी बताया कि बफ़र टूरिज़्म गेट के माध्यम से विज़िटर्स सुरक्षित ट्रेल्स और गाइडेड सफारी का आनंद ले सकते हैं। प्रशासन इस दौरान विशेष निगरानी बढ़ाएगा और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा। ताडोबा-अंधारी टाइगर रिज़र्व का मॉनसून क्लोजर वन्यजीवन संरक्षण, पर्यटकों की सुरक्षा और जंगल के प्राकृतिक संतुलन को बनाए रखने के लिए अनिवार्य कदम माना जाता है।  


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