मुंबई - अहमदाबाद बुलेट ट्रेन की लागत दोगुनी हुई, क्यों बढ़ी देश के सबसे महंगे ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट की कॉस्ट?
मुंबई : देश में बुलेट ट्रेन का पहला प्रोजेक्ट अहमदाबाद और मुंबई के बीच बन रहा है। इसकी आधारशिला 14 सितंबर, 2017 को रखी गई थी और इसे 15 अगस्त, 2022 को शुरू करने का लक्ष्य रखा गया था। लेकिन कई बार इसकी डेडलाइन को आगे बढ़ाया जा चुका है। अब इस प्रोजेक्ट के 2030 में पूरा होने की संभावना है और कॉरिडोर का पहला हिस्सा अगस्त 2027 में चालू होने की उम्मीद है।
इस बीच अहमदाबाद-मुंबई बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट की लागत को संशोधित करके लगभग 2.1 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है, जो 1.1 लाख करोड़ रुपये शुरुआती अनुमानित लागत से लगभग दोगुनी है। टीओआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक 508 किलोमीटर लंबी हाई-स्पीड रेल लाइन की संशोधित लागत को मंजूरी दिलाने का प्रस्ताव मंगलवार को कैबिनेट के सामने रखा गया था।
कब शुरू होगा प्रोजेक्ट?
सूत्रों ने बताया कि रेल मंत्रालय ने लागत बढ़ने के मुख्य कारणों में महाराष्ट्र में जमीन अधिग्रहण में लगा समय और जापान से ट्रेन सेट मिलने में हुई देरी का हवाला दिया है। उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट के 2030 में पूरा होने की संभावना है और कॉरिडोर का पहला हिस्सा अगस्त 2027 में चालू होने की उम्मीद है।सूत्रों के मुताबिक, ज्यादातर अतिरिक्त फंड बजट से मिलेगा। अब तक, 1.1 लाख करोड़ रुपये की फंडिंग जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी और बजट आवंटन से हुई है। रेलवे के मुताबिक हाई-स्पीड ट्रेनें भारत में बनाई जाएंगी और हर ट्रेन की लागत लगभग 390 करोड़ से 400 करोड़ रुपये होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक के फैसलों पर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई।
क्यों बढ़ी कॉस्ट?
जनवरी में, रेलवे बोर्ड के चेयरमैन सतीश कुमार ने कहा था कि प्रोजेक्ट की लागत लगभग 83% बढ़कर 1.98 लाख करोड़ रुपये हो गई है। जमीन अधिग्रहण में देरी, जरूरी मंजूरियां मिलने में देरी और ट्रेनों को अंतिम रूप देने में देरी जैसे कई कारणों से इस प्रोजेक्ट में समय और लागत दोनों बढ़े हैं।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने फरवरी में बजट पेश करते हुए 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा की थी। इन पर लगभग ₹16 लाख करोड़ के कुल निवेश का अनुमान है। ये कॉरिडोर मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-बेंगलुरु, हैदराबाद-चेन्नई, चेन्नई-बेंगलुरु, दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी के बीच होंगे।