Latest News

भिवंडी : भिवंडी में सैकड़ों की संख्या में नियम-कानून को ताक पर रखकर अवैध कोचिंग सेंटर चल रहे हैं। इन सेंटरों का न तो कोई रजिस्ट्रेशन है न ही कोचिंग में पढ़ने आनेवाले बच्चों की सेपटी का कोई इंतजाम है। भिवंडी में भी सूरत कोचिंग कांड की कभी भी पुनरावृत्ति हो सकती है। मनपा प्रशासन ने क्लासेस को नोटिस भेजा है, जिसके बाद कोचिंग सेंटर मालिकों में भूचाल आ गया है।

मालूम हो कि भिवंडी के धामनकर नाका, तीनबत्ती, मंडई, हाथी साइजिंग, कृष्णा कांप्लेक्स सहित शहर के हर क्षेत्र में सैकड़ों कोचिंग सेंटर इन दिनों चल रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि कोचिंग क्लासेसवाले बच्चों से हर माह तीन से पांच हजार के हिसाब से सालभर का ३० से ६० हजार फीस लेते हैं लेकिन इन कोचिंग सेंटरों में बच्चों की न तो कोई सुरक्षा की व्यवस्था है न ही नियम-कानून के तहत कोचिंग सेंटर चल रहे हैं। जानकारों का कहना है कि किसी भी कोचिंग सेंटर में यदि छात्रों की संख्या १५ से ज्यादा हो तो उस कोचिंग सेंटर को रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होता है। साथ ही मनपा शिक्षा विभाग से इसकी इजाजत लेना जरूरी होता है। भिवंडी में कोचिंग पर कोई कानून नहीं लागू होता है। मनपा शिक्षा विभाग के उपायुक्त पंढरीनाथ वेखंडे ने बताया कि शहर में चलनेवाले सभी कोचिंग सेंटरों को मनपा की तरफ से नोटिस भेजकर उनकी पूरी जानकारी मंगाई गई है। उन्होंने बताया कि जो भी क्लासेस मनपा के मापदंड पर खरा नहीं उतरेगा, उन पर कार्रवाई की जाएगी। 


Weather Forecast

Advertisement

Live Cricket Score

Stock Market | Sensex

Advertisement