Latest News

 मुंबई : मुंबई का सबसे पहला स्कायवॉक धराशायी होने जा रहा है। बांद्रा स्टेशन के बाहर बने स्कायवॉक को साल २००८ में मुंबई महानगर विकास प्राधिकरण ने तैयार किया था। बांद्रा-पूर्व में स्थित म्हाडा कार्यालय, कलानगर, बांद्रा संकुल आदि परिसरों को कनेक्ट करनेवाले इस स्कायवॉक का रोजाना लाखों राहगीर इस्तेमाल करते हैं। हालांकि बांद्रा-वरली सी-लिंक से बीकेसी को जोड़नेवाले ७१४ मीटर लंबे उड़ानपुल के निर्माण कार्य में यह पुल रुकावट पैदा कर रहा है इसलिए इस स्कायवॉक को धराशायी करने का निर्णय एमएमआरडीए ने लिया है। शनिवार की रात से इस स्कायवॉक को ता़ेडने की शुरुआत हो गई है।
गुजरेगा ७१४ मीटर एलिवेटेड पुल
स्कायवॉक को तोड़ने के बाद बीकेसी से बांद्रा-वरली सी लिंक को जोड़ने के लिए यहां ७१४ मीटर का एलिवेटेड पुल तैयार किया जाएगा। इस पुल के तैयार होने से बीकेसी, कलानगर व अन्य जंक्शनों पर होनेवाली ट्रैफिक की भीड़ कम होगी।
फिर बनेगा स्कायवॉक
७१४ मीटर लंबे उड़ान पुल का काम सितंबर में पूरा होने के बाद दोनों ही दिशा में एमएमआरडीए नए सिरे से स्कायवॉक का निर्माण करेगी। फिलहाल स्कायवॉक के दक्षिणी छोर की लाइन को तोड़ने का काम शनिवार की रात ११ बजे से शुरू हो गया। रविवार और सोमवार की मध्य रात्रि को भी स्कायवॉक को तोड़ने का काम किया जाएगा।
४ करोड़ खर्च
मुंबई के इस पहले स्कायवॉक को तोड़ने के लिए ४ करोड़ रुपए की लागत आ रही है। इस स्कायवॉक के अलावा एमएमआरडीए ने मुंबई के भीड़-भाड़वाले स्टेशनों व परिसरों में और भी स्कायवॉक बनाए हैं लेकिन इन्हें अच्छा प्रतिसाद राहगीरों का नहीं मिल पा रहा है। हाल ही में इस्तेमाल में न आनेवाले स्कायवॉकों को भी तोड़ने की योजना एमएमआरडीए ने बनाई थी।


Weather Forecast

Advertisement

Live Cricket Score

Stock Market | Sensex

Advertisement