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मुंबई : ठाणे, पालघर और मुंबई में मौसम की रिकॉर्ड तोड़ बारिश के बावजूद मुंबई को पानी की आपूर्ति करने वाली झीलें अभी भी प्यासी हैं। मुंबई को पानी सप्लाई करने वाली तुलसी, तानसा, विहार, भातसा, मोडक सागर, अपर वैतरणा और मध्य वैतरणा झीलों में 7 अगस्त तक सिर्फ 46.35 प्रतिशत पानी का स्टॉक जमा है। जो कि वर्ष 2019 में झीलों में जमा पानी का आधा है। 5 अगस्त से 20 प्रतिशत पानी की कटौती का सामना कर रहे मुंबईकरों की मुश्किल और बढ़ जाएगी। हालांकि, भारी बारिश का फायदा झीलों में जलस्तर बढ़ने से हुआ है। मुंबई को पानी आपूर्ति करने वाली सातों झीलों में एक दिन में 5 प्रतिशत पानी की बढ़ोतरी हुई है। 

बीएमसी जनसंपर्क विभाग ने झीलों के जलस्तर की रिपोर्ट जारी की है। इसके अनुसार 7 अगस्त सुबह तक झीलों में 46.35 प्रतिशत पानी का स्टॉक जमा हो गया है। जबकि 6 अगस्त तक झीलों में 42 प्रतिशत पानी का स्टॉक जमा था। पिछले वर्ष के मुकाबले अब भी झीलों में पानी का स्टॉक काफी कम है। 7 जुलाई को झीलों में 670802 एमएलडी पानी का भंडारण है। वर्ष 2019 में इसी दौरान 1302946 एमएलडी पानी था। इस तरह झीलों में 90.02 प्रतिशत पानी का स्टॉक जमा हो गया था। जबकि वर्ष 2018 में इसी दौरान झीलों में 1226030 एमएलडी पानी का स्टॉक था, जो 84.71 प्रतिशत था। 

पिछले वर्ष के मुकाबले झीलों में अब तक आधा पानी ही जमा है, जो कि चिंता का विषय है। झील क्षेत्रों में बारिश की बात करें तो अपर वैतरणा क्षेत्र में 1067 मिमी बारिश हुई है। मोडक सागर एरिया में 1111 मिमी, तानसा में 998 मिमी, मध्य वैतरणा में 1282 मिमी, भातसा में 1306 मिमी, विहार लेक में 2159 मिमी एवं तुलसी झील क्षेत्र में 2611 मिमी बारिश दर्ज की गई है। बता दें कि विहार लेक और तुलसी लेक ओवरफ्लो हो चुकी है। वहीं झीलों में कम पानी का हवाला देते हुए बीएमसी ने मुंबई में 5 अगस्त से 20 प्रतिशत पानी की कटौती शुरू कर दी है। 


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