मुंबई : कोरोना वायरस के प्रकोप के चलते राज्यभर के बंद कॉलेजों को खोलने की कवायद शुरू हो गई है। उच्च शिक्षा व तकनीकी मंत्री उदय सामंत राज्य के सभी जिलाधिकारियों के साथ बैठक और मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के साथ चर्चा करके 20 जनवरी से पहले कॉलेजों को खोलने को लेकर निर्णय लेंगे।
सामंत ने कहा कि 20 जनवरी तक 50 फीसद विद्यार्थियों की उपस्थिति अथवा एक विशेष मानक संचालन (एसओपी) के जरिए यूनिवर्सिटी और कॉलेज खोलने को लेकर विचार किया जा रहा है। सरकार उन सभी बिंदुओं पर ध्यान देगी जो विद्यार्थियों, प्राध्यापकों और अन्य कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर जरूरी होंगे। उन्होंने कहा कि राज्य में कोरोना वायरस के चलते यूनिवर्सिटी और कॉलेज बंद हैं, लेकिन अब स्थिति नियंत्रण में है और टीकाकरण शुरू हो रहा है। इसीलिए, यूनिवर्सिटी और कॉलेज को खोलने के लिए पहले हॉस्टल, कॉलेजों में बने क्वारंटीन सेंटर, स्थानीय परिस्थिति आदि जायजा लिया जाएगा, इसके बाद ही यूनिवर्सिटी और कॉलेजों को खोलने का निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने शनिवार को यूनिवर्सिटी, कॉलेज खोलने, प्राध्यापकों की भर्ती, कॉलेजों की समस्या और प्रवेश प्रक्रिया में आई तकनीकी खामियों को लेकर फेसबुक के माध्यम से विद्यार्थी, प्राचार्य और प्राध्यापकों से संवाद किया।
मंत्री सामंत ने कहा कि लॉकडाउन में कॉलेजों में प्राचार्यों की भर्ती को टालने के लिए जीआर जारी किया था, लेकिन अब सरकार ने अनुदानित कॉलेजों में रिक्त पड़े 260 प्राचार्यों की भर्ती को अनुमति दे दी है। इससे कॉलेजों के संचालन में मदद मिलेगी।
संवाद के दौरान कई लोगों ने प्राध्यापकों की भर्ती को लेकर सवाल किए। इस पर सामंत ने कहा कि कोरोना वायरस के चलते वित्त विभाग ने प्राचार्य और प्राध्यपकों की भर्ती नहीं करने के लिए सर्कुलर जारी किया था, लेकिन अब सरकार ने प्राचार्य की भर्ती को लेकर निर्णय ले लिया है। बाकी भर्ती को लेकर मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री से चर्चा हुई है। इसीलिए, सभी संवैधानिक भर्ती के लिए जल्द ही निर्णय लिया जाएगा।
 

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