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मुंबई : राज्य भर में धारा 144 लगने के दूसरे दिन मुंबई और उसके आस-पास के स्टेशनों पर मजदूरों की भीड़ बढ़ती हुई दिखाई दे रही है। ये सभी अपने-अपने गांव जाने के लिए स्टेशनों पर इकट्ठे हो रहे हैं। इस भीड़ में खास कर दिहाड़ी पर काम करने वाले मजदूरों की तादाद ज्यादा हैं जो रोज मेहनत-मजदूरी करते हैं और उसकी कमाई से अपना और अपने परिवार का पेट भरा करते हैं। इन्हें डर है कि अगर राज्य सरकार ने प्रतिबंध और कड़े कर दिए तो इनके हाथों से काम चला जाएगा फिर इनके लिए परिवार का पेट भरना मुश्किल हो जाएगा और तब वे अपने गांव भी नहीं लौट पाएंगे। इनमें से कई लोगों के हाथों से रोजगार जाना शुरू हो चुका है।

बुधवार रात से ही इन गांव जाने वाले मजदूरों की भीड़ मुंबई और आसपास के स्टेशनों पर दिखाई देनी शुरू हो गई है, राज्य भर में मिनी लॉकडाउन लागू होने का आज दूसरा दिन है। शुक्रवार सुबह से गांव जाने के लिए मजदूरों की भीड़ में और तेजी दिखाई दे रही थी। छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस, लोकमान्य तिलक टर्मिनस, दादर, बोरिवली, मुंबई सेंट्रल जैसे स्टेशनों में आज सुबह से ही भारी भीड़ जुटती हुई दिखाई दी। इनमें सबसे ज्यादा भीड़ लोकमान्य तिलक टर्मिनस में दिखाई दी। यहीं से बिहार और उत्तर प्रदेश के लिए सबसे ज्यादा ट्रेनें चला करती हैं। सायन, कुर्ला, धारावी सहित पूर्वी उपनगर के अधिकांश इलाकों में बड़ी तादाद में दूसरे राज्यों से आए मजदूर रहा करते हैं। इसी तरह अंधेरी, जोगेश्वरी, नालासोपारा, बोरिवली जैसे पश्चिमी उपनगरों में भी दूसरे राज्यों से आए मजदूरों की तादाद ज्यादा है। यहां चेंबूर, मानखुर्द, कुर्ला, सायन और धारावी, अंधेरी, साकीनाका, जोगेश्वरी, बांद्रा में कई उद्योग-धंधे हैं जो कोरोना के बढ़ते सकंट की वजह से लगे मिनी लॉकडाउन में या तो बंद हो चुके हैं या बंद होने की कगार पर हैं। इससे मजदूरों के हाथों से काम चला गया है या उनमें काम जाने का डर समा गया है। ऐसे में इन्हें अपने गांव जाने के अलावा और कोई रास्ता नहीं सूझ रहा है। इसलिए पिछले हफ्ते से ही गांव जाने वाले मजदूरों की भीड़ बढ़नी शुरू हुई जो बुधवार रात 8 बजे से और ज्यादा बढ़ गई। 



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