तीन साल में ९ हजार आवारा कुत्तों की नसबंदी का लक्ष्य
मुंबई, आवारा कुत्तों की ‘फैमिली प्लानिंग’ की जाएगी। उनकी बढ़ती आबादी को नियंत्रित करने के लिए मनपा ने आगामी तीन वर्षों में १,६४० रुपए की दर से ९ हजार कुत्तों की नसबंदी करने का निर्णय लिया है। इस पर १ करोड़, ५५ लाख रुपए के खर्च का प्रावधान किया गया है। निविदा में विवाद तथा कोरोना के चलते पिछले ढाई वर्षों से कुत्तों की नसबंदी पर विराम लगा हुआ था। उल्लेखनीय है कि वर्ष २००४ से आवारा कुत्तों की नसबंदी की जा रही है।
२०१७ तक ५८ हजार आवारा कुत्तों की नसबंदी के दावे किए गए हैं। निधि के अभाव में वर्ष २०१८ से नसबंदी का कार्यक्रम बंद है। अगस्त २०१९ में मनपा की सर्व साधारण सभा ने कुत्तों की नसबंदी फिर से शुरू करने का प्रस्ताव पास किया था। मनपा स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस संबंध में एक निविदा जारी की गई। इस निविदा प्रक्रिया में सिर्फ एक कंपनी ने भाग लिया और एक कुत्ते की नसबंदी का खर्च १,६४० रुपया कोट किया। निविदा में दूसरी अन्य किसी कंपनी के भाग न लेने की वजह से खर्च पर सवाल उठने लगे। निविदा में भाग लेनेवाली कंपनी को मनपा स्वास्थ्य विभाग की तरफ से एक नोटिस दिया गया, जिसमें नसबंदी के खर्च का पूरा ब्यौरा देने को कहा गया। नोटिस के जबाब में कंपनी ने १,६४० रुपए खर्च का पूरा ब्यौरा दे दिया। मनपा अधिकारी मोलभाव कर इसे कुछ कम कराना चाहते थे, पर कंपनी ने एक पैसे भी कम नहीं किया। आखिर में मनपा के स्वास्थ्य विभाग ने इसे मंजूर कर लिया और अंतिम मंजूरी के लिए स्थायी समिति को भेज दिया है। स्वास्थ्य विभाग से जुड़े एक अधिकारी का कहना है कि खर्च पर ही नहीं, बल्कि कोरोना काल की वजह से भी इस प्रक्रिया को पूरा करने में ज्यादा समय लग गया है।