मुंबई : जालंधर की 19 साल की एक लड़की की वहां के एक एजेंट ने जिंदगी बर्बाद कर दी। यह लड़की मुंबई में करीब एक सप्ताह तक पुलिस हिरासत में रही। शुक्रवार को ही उसे जमानत मिल पाई। इस लड़की के वकील प्रभाकर त्रिपाठी ने बताया कि इस लड़की के पिता हैं नहीं। मां घरों में बर्तन साफ करने का काम करती है। घर में पैसे की बेहद तंगी थी, इसलिए मां ने इसे ब्यूटिशन का कोर्स करवा दिया था। जालंधर के एक एजेंट को जब इस लड़की के बारे में जानकारी मिली तो उसने इससे और इसके परिवार वालों से संपर्क किया। ऑफर दिया कि कतर में ब्यूटिशन का जॉब दिलवा देंगे। वहां अच्छी पगार मिलेगी। जब इसके घर वाले तैयार हो गए, तो एजेंट ने उनसे करीब 70 हजार रुपये ले लिया और कहा कि हम वर्क परमिट वीजा दिलवा देंगे। कुछ दिनों में लड़की को पासपोर्ट और वीजा का पेपर दे दिया। टिकट भी। कहा, कि 28 अगस्त को मुंबई पहुंच जाना। वहां से कतर की फ्लाइट है।
जब लड़की के कागजात की मुंबई एयरपोर्ट पर चेकिंग हुई, तो इमिग्रेशन वालों को शक हुआ। इमिग्रेशन वालों ने जब उसके वीजा का नंबर अपने सिस्टम में डाला, तो यह वर्क परमिट वीजा निकला, जबकि लड़की को एजेंट ने जो पेपर वीजा दिया था, उसमें लिखा था कि यह फैमिली वीजा है। एजेंट ने ड‌्यूप्लिकेट बनाकर लड़की को दे दिया था कि यह फैमिली वीजा है। एजेंट ने लड़की से यह भी बोला था कि एयरपोर्ट पर बोल देना कि कतर में तुम्हारे भाई रहते हैं। हालांकि, लड़की को शक हुआ कि एजेंट ने ऐसा क्यों बोला, लेकिन चूंकि वह रकम दे चुकी थी, इसलिए इसके पास कोई विकल्प नहीं था।


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