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पुणे : वैष्णवी हगवाने बावधान सुसाइड केस में पुलिस ने पुणे फर्स्ट क्लास ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट आलिया बागल की कोर्ट में 11 लोगों के खिलाफ 1,670 पेज की चार्जशीट फाइल की। ​​इसमें सभी आरोपियों के खिलाफ चार्ज शामिल थे। पुलिस को पुख्ता सबूत मिले। वैष्णवी हगवाने के सुसाइड केस ने पूरे राज्य में हलचल मचा दी थी। उनके ससुर राजेंद्र हगवाने नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (अजीत पवार ग्रुप) के पदाधिकारी थे। यह मामला राजनीतिक रूप से गरमा गया है और इसने सभी का ध्यान खींचा है। अब इस केस में सेशन चल रहा है। कोर्ट ने छह आरोपियों के खिलाफ चार्ज फ्रेम किए हैं। इन आरोपियों के खिलाफ चार्ज फ्रेम किए गए हैं और केस का ट्रायल 23 फरवरी से शुरू होगा।

राजेंद्र हगवाने, उनकी पत्नी, दो बेटे, एक बेटी और छह अन्य लोग मौजूद थे। अब सेशन चल रहा है। कोर्ट ने छह आरोपियों के खिलाफ चार्ज फ्रेम किए हैं। वैष्णवी की मौत के 58 दिन बाद चार्जशीट फाइल की गई। इस वजह से इस केस ने एक बार फिर सबका ध्यान खींचा है। वैष्णवी हगवने की ऑटोप्सी रिपोर्ट में उसके शरीर पर चोट के निशान मिले, जिससे केस में एक अलग मोड़ आ गया। शुरू में शक था कि यह सुसाइड का केस है। आरोप लगने के बाद शक पैदा हो गया है कि यह सुसाइड था या मर्डर। पुलिस ने इस केस में वैष्णवी के पति शशांक हगवने, सास लता हगवने, ननद करिश्मा हगवने, ससुर राजेंद्र हगवने, देवर सुशील हगवने और फैमिली फ्रेंड नीलेश चव्हाण को गिरफ्तार किया है।

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