एक ही वॉर्ड से ३० मैनहोल्स ढक्कन हो गए गायब, कीमत १३ हजार रुपए
मुंबई, मुंबई की सड़कों के नीचे से गई ड्रेनेज लाइन पर साफ-सफाई एवं देख-रेख के लिए लगभग २५ फुट की निश्चित दूरी पर मैनहोल बने होते हैं। इन मैनहोल्स पर अच्छी गुणवत्तावाले लोहे के ढक्कन लगाए जाते हैं, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो, लेकिन इन दिनों मुंबई में ढक्कन चोरी की वारदात बढ़ गई है। आए दिन किसी-न-किसी मैनहोल का ढक्कन गायब कर दिया जा रहा है। मनपा अधिकारियों की मानें तो ढक्कन जरूर चोर लोग चुराते हैं लेकिन इसके पीछे भंगार माफिया का हाथ है। इन लोहे के ढक्कनों की गुणवत्ता बेहतरीन होने की वजह से बाजार में इसका भाव अच्छा मिलता है। नतीजतन, भंगार माफिया इन ढक्कनों पर नजर गड़ाए हुए रहते हैं।
भंगार माफिया के इशारे पर चोर और गर्दुल्ले सड़कों पर बने मैनहोल्स के ढक्कन रात में मौका देखकर उठा ले जाते हैं। बड़ी मात्रा में ढक्कन गायब होने की शिकायत के बाद मनपा ने पता लगाया तो एक वॉर्ड में ३० से अधिक मैनहोल्स के ढक्कन गायब मिले।
मैनहोल्स के ढक्कन मजबूत लोहे से बने होते हैं। सड़क पर गुजरनेवाले वाहनों एवं भारी वाहनों के दबाव के बाद भी वे ढक्कन टूटते एवं मुड़ते नहीं हैं। अच्छी गुणवत्ता के लोहे से ढक्कन बनाए जाते हैं। एक ढक्कन का वजन २० से ३५ किलो होता है। भंगार में इसकी कीमत १३ हजार रुपए से अधिक है।
मनपा ने इसे गंभीर मामला बताते हुए पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कराया है। मनपा ने अंधेरी (पूर्व) के/पूर्व वॉर्ड क्षेत्र में गायब ढक्कनों को लेकर एमआईडीसी पुलिस स्टेशन में शिकायत की है। साथ ही इस मामले में प्राप्त सीसीटीवी फुटेज भी प्राप्त किया है, जिसमें अलग-अलग जगहों से चोर ढक्कन निकालते हुए दिख रहे हैं। मनपा ने लोगों से अपील की है कि चोरों की पहचान कर मनपा को सूचित करें।
मैनहोल्स खुले रहने पर सड़क पर आने-जानेवाले वाहनों और राहगीरों के साथ दुर्घटना होने की प्रबल संभावना होती है। बरसात के मौसम में लोगों के गिरने और बहने की घटनाएं कई बार हो चुकी हैं, ऐसे में मनपा अब सख्त हो गई है।