मेट्रो-५ का पहला समुद्री पिलर कैप तैयार
मुंबई, ठाणे-भिवंडी-कल्याण मेट्रो-५ कॉरिडोर का काम काफी तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस परियोजना के अंतर्गत ठाणे को भिवंडी से कनेक्ट करने के लिए काशेली क्रीक पर ५५० मीटर लंबा मेट्रो कॉरिडोर तैयार होगा। इस परियोजना के तहत एमएमआरडीए ने एक नई उपलब्धि हासिल की है। क्रीक पर पहला समुद्री पिलर वैâप तैयार कर लिया गया है। क्रीक पर यह मेट्रो ब्रिज अगस्त २०२२ तक पूरा करने का लक्ष्य एमएमआरडीए ने रखा है।
५५० मीटर लंबे मेट्रो मार्ग के लिए समुद्र और उसके करीब कुल १३ पिलर का निर्माण होना है। १३ में से ९ पिलर पानी में होंगे, जबकि ४ पिलर पानी के करीब दलदली भूमि पर तैयार किए जाएंगे। समुद्र में बन रहे मेट्रो मार्ग पर मेट्रो पानी की सतह से करीब १३ मीटर की ऊंचाई पर दौड़ेगी। यह मार्ग ५५० मीटर लंबा और १०.५५ मीटर चौड़ा होगा।
मेट्रो पिलर का निर्माण पानी की सतह से करीब ३४ मीटर नीचे से किया जा रहा है। पिलर वैâप की खुदाई का काम पूरा करने के लिए बोट के जरिए क्रेन सहित अन्य उपकरणों को पानी में उतार दिया गया है। अब तक एक पिलर वैâप का काम पूरा कर लिया गया है जबकि अन्य पिलर वैâप का काम भी तेजी से चल रहा है।
ठाणे-भिवंडी-कल्याण के बीच मेट्रो कॉरिडोर का निर्माण किया जा रहा है। २४.९ किमी लंबे कॉरिडोर का करीब ४७ फीसदी काम पूरा हो चुका है, जिसकी अनुमानित लागत ८ हजार ४१६ करोड़ ५१ लाख रुपए है। कॉरिडोर के काम को दो चरण में विभाजित किया गया है। पहले चरण के तहत ठाणे से भिवंडी के बीच मार्ग तैयार किया जा रहा है। दूसरे चरण के तहत भिवंडी से कल्याण के बीच मेट्रो मार्ग तैयार होंगे। पूरे एलिवेटेड कॉरिडोर के मार्ग पर कुल १५ मेट्रो स्टेशन का निर्माण होगा।