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मुंबई, कोरोना और महंगाई से त्रस्त होने के बावजूद भी मुंबईकरों ने दिवाली मनाने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी। चारों तरफ दिवाली का जोर दिखाई दिया। सबसे अच्छी बात यह रही कि लोगों की जागरूकता के कारण इस वर्ष दिवाली में प्रदूषण कमजोर रहा। दिवाली की रात भी मुंबई की हवा की गुणवत्ता संतोषजनक दिखाई दी। वायु गुणवत्ता और मौसम पूर्वानुमान एवं अनुसंधान प्रणाली (सफर) के वैज्ञानिक गुफरान बेग ने कहा कि पीएम-२.५ और पीएम-१० प्रदूषण का स्तर शुक्रवार की सुबह तक अधिकतम स्तर पर पहुंच सकता है। सबसे ज्यादा स्थिति मझगांव और कुलाबा की खराब हो सकती है। हालांकि, शहर की आबोहवा में तेजी से सुधार शनिवार से होने का पूर्वानुमान लगाया गया है। सफर के वैज्ञानिक गुफरान बेग के मुताबिक गुरुवार की शाम मुंबई की औसतन वायु गुणवत्ता १६२ एक्यूआई दर्ज की गई, जो संतोषजनक श्रेणी में आता है। हालांकि, दिवाली के एक दिन बाद इसके ३४८ एक्यूआई तक पहुंचने का पूर्वानुमान है। इसी तरह छह क्षेत्र में हवा की गुणवत्ता संतोषजनक और अच्छी श्रेणी में रही। सबसे अच्छी वायु गुणवत्ता भांडुप में ९१ एक्यूआई और वर्ली में ९५ एक्यूआई रही। इसके बाद संतोषजनक स्थिति के साथ चेंबूर में १६२ एक्यूआई, अंधेरी में १३५ एक्यूआई, मालाड में १६६ एक्यूआई और बोरीवली में १४२ एक्यूआई दर्ज की गई। सफर के वैज्ञानिक बेग के मुताबिक प्रदूषण का स्तर कितना अधिक या कितना कम होगा, यह नमी और हवा की रफ्तार पर निर्भर करता है।
मुंबई सहित आस-पास के शहरों में ४२ फीसदी लोगों ने इस साल दिवाली काफी उत्साह और जोश के साथ मनाई। कई परिवारों ने पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना दिवाली मनाने का पैâसला किया। लोकल सर्कल द्वारा किए गए एक सर्वेक्षण के अनुसार हर तीन परिवारों में से दो ने दिवाली को पर्यावरण के अनुकूल तरीके से मनाने पर जोर दिया।


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