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  शिवसेना सांसद संजय राउत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके किरीट सोमैया के खिलाफ विभिन्न मामलों में कई तरह के आरोप लगाये थे, जिसमें दावा किया गया था कि कई आर्थिक घोटालों में किरीट सोमैया के साथ उनके बेटे नील सोमैया भी शामिल हैं।

वहीं बीते बुधवार को प्रवर्तन निदेशालय ने एक बड़ा एक्शन लेते हुए शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेस गठबंधन सरकार में मंत्री नवाब मलिक को भगोड़े अंडरवर्ल्ड गैंगस्टर दाऊद इब्राहिम से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार कर लिया था। ईडी ने गिरफ्तारी के बाद कहा था कि मंत्री नवाब मलिक जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं, इसलिए उन्हें पूछताछ के लिए गिरफ्तार करना जरूरी हो गया था।

अब केंद्रीय एजेंसी द्वारा मंत्री नवाब मलिक की गिरफ्तारी के बाद नील सोमैया को भी अपनी गिरफ्तारी का डर सता रहा है। इस कारण उन्होंने कोर्ट में एंटी सेपेट्री बेल दायर करके यह मांग की है कि यदि उनके खिलाफ केस दर्ज किया जाता है तो गिरफ्तारी से 72 घंटे पहले उन्हें नोटिस दिया जाना चाहिए।

मालूम हो कि बीते हफ्ते राज्यसभा सांसद संजय राउत ने कथित तौर पर करोड़ों रुपये के पंजाब एंड महाराष्ट्र को-ऑपरेटिव (पीएमसी) बैंक धोखाधड़ी मामले में भाजपा नेता किरीट सोमैया और उनके बेटे नील के गिरफ्तारी की मांग की थी। पत्रकार वार्ता में संजय राउत ने आरोप लगाया था कि बीजेपी नेता के बेटे नील सोमैया पीएमसी बैंक धोखाधड़ी के मुख्य आरोपी राकेश वाधवान के बिजनेस पार्टनर हैं।

संजय राउत ने अपने आरोपों में कहा था, 'किरीट सोमैया बहुत बड़े धोखेबाज हैं। उन्होंने बैंक घोटाले करके लोगों के पैसे का गबन किया है। उनका बेटा नील पीएमसी घोटाले के मास्टरमाइंड की कंपनी में निदेशक है। उन्होंने निकॉन फेज वन और टू जैसे हजारों करोड़ की परियोजनाएं स्थापित की हैं।'

इसके साथ ही सांसद संजय राउत ने यह भी कहा था कि वह इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई के लिए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पुख्ता दस्तावेज भी सौंपेंगे। हालांकि संजय राउत के द्वारा लगाये गये आरोपों के आधार पर अभी तक किरीट सोमैया या उनके बेटे नील सोनैया पर कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है।

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