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मुंबई : भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की मुंबई इकाई ने दो अलग-अलग मामलों में सहकारिता विभाग और नगर निगम के अधिकारियों को रिश्वतखोरी के आरोप में गिरफ्तार किया है। एसीबी के अनुसार, पहले मामले में शिकायतकर्ता ने एक हाउसिंग सोसाइटी में एक फ्लैट खरीदा था। चूँकि उक्त सोसाइटी की कार्यकारी समिति भंग हो चुकी थी, इसलिए सहकारिता विभाग ने आरोपी अधिकारी दयानंद चव्हाण (47) को उक्त सोसाइटी में सहकारिता विभाग के पैनल में प्राधिकृत अधिकारी और प्रमाणित लेखा परीक्षक नियुक्त किया था।

जब शिकायतकर्ता ने सोसाइटी का शेयर प्रमाणपत्र प्राप्त करने के लिए चव्हाण से आवेदन किया, तो चव्हाण ने कथित तौर पर शिकायतकर्ता के नाम पर सोसाइटी का शेयर प्रमाणपत्र प्राप्त करने के लिए शिकायतकर्ता से 1.10 लाख रुपये की रिश्वत की माँग की। हालाँकि, चूँकि शिकायतकर्ता चव्हाण को रिश्वत नहीं देना चाहता था, इसलिए उसने 10/07/2025 को व्यक्तिगत रूप से एसीबी कार्यालय जाकर शिकायत दर्ज कराई। एसीबी के एक अधिकारी ने बताया, "प्राप्त शिकायत के अनुसार, 15/07/2025 को सत्यापन कार्रवाई की गई। पाया गया कि चव्हाण ने शिकायतकर्ता से अपना काम करवाने के लिए 1.10 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। तदनुसार, हाल ही में एक जाल बिछाया गया और चव्हाण को शिकायतकर्ता से 50,000 रुपये की अग्रिम रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के प्रावधानों के तहत चव्हाण के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।"

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