मेट्रो पिलर हादसा: शिवसेना (यूबीटी) नेता आनंद दुबे ने सरकार की लापरवाही और भ्रष्टाचार की जांच की मांग की
मुंबई: शिवसेना (यूबीटी) नेता आनंद दुबे ने मुलुंड (पश्चिम) में निर्माणाधीन मेट्रो पिलर के एक हिस्से के गिरने की घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। इस हादसे में एक व्यक्ति की मौत हुई और तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हुए। दुबे ने इसे "हृदयविदारक" घटना बताते हुए कहा कि यह कभी नहीं होना चाहिए था और विकास के नाम पर ऐसी लापरवाही अस्वीकार्य है। उन्होंने मुख्यमंत्री से तत्काल जानकारी मांगते हुए कहा कि हादसे में जिम्मेदार ठेकेदार और इंजीनियर कौन हैं। दुबे ने सवाल उठाया कि बार-बार मुंबई को हादसों का शहर क्यों बनाया जा रहा है और केवल जुर्माने लगाना जीवन खोए लोगों की भरपाई नहीं कर सकता।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि पिलर असुरक्षित है, तो जब मेट्रो उस पर गुजरेगी, तब इसकी सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं है। दुबे ने इस घटना को सरकार की "गैर जिम्मेदाराना व्यवहार और लापरवाही" बताया और मांग की कि इस मामले में भ्रष्टाचार के संभावित पहलुओं की भी जांच हो। एमएमआरडीए ने हादसे के तुरंत बाद ठेकेदार पर 5 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है और उच्चस्तरीय जांच समिति गठित की है। लेकिन आनंद दुबे ने कहा कि केवल आर्थिक दंड से समस्या का समाधान नहीं होगा। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस मामले में तत्काल और व्यापक जांच आदेश देने की आवश्यकता पर जोर दिया। दुबे ने यह भी चेताया कि भविष्य में मेट्रो परियोजना की संरचनात्मक सुरक्षा सुनिश्चित करने और सार्वजनिक सुरक्षा को खतरे में डालने वाली सभी लापरवाह प्रथाओं पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उनका यह बयान निर्माणाधीन मेट्रो परियोजनाओं की निगरानी और जवाबदेही को लेकर बढ़ते दबाव को दर्शाता है।